Hasdeo Arand: CMDC ने कहा तारा Coal Block की सिर्फ नीलामी हुई, मंजूरी बिना नहीं होगा खनन

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 13, 2026

छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम (सीएमडीसी) ने शनिवार को कहा कि राज्य के हसदेव-अरण्य इलाके में तारा कोल ब्लॉक की केवल प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी हुई है, खनन शुरू करने से पहले अन्य सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां हासिल करनी होंगी। सरकारी निगम ने एक बयान में कहा है कि तारा कोल ब्लॉक की प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी में कुल नौ बोलियां मिली थीं तथा नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह ब्लॉक सीजी सिन एंड गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड को प्राप्त हुआ है। बयान में कहा गया है कि खनन से पहले वन स्वीकृति के विभिन्न चरण पूरे करने होंगे।

तारा कोल ब्लॉक 2011 में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम को आवंटित किया गया था। बाद में उच्चतम न्यायालय के आदेश के परिणामस्वरूप अन्य कोल ब्लॉकों के साथ इसका पूर्व आवंटन निरस्त हो गया। इसी अवधि में हसदेव-अरण्य क्षेत्र के अन्य कोल ब्लॉक विभिन्न सरकारी विद्युत उत्पादन संस्थाओं की जरूरतों से जुड़े थे।

इनमें परसा ईस्ट केते बासन (पीईकेबी), राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की विद्युत उत्पादन जरूरतों के लिए आवंटित प्रमुख ब्लॉकों में शामिल रहा है। सीएमडीसी ने केंद्र में पिछली सरकार के समय तारा और पीकेईबी के लिए वन और पर्यावरण मंज़ूरी की प्रक्रिया का भी ज़िक्र किया। इसमें लिखा है कि हसदेव-अरण्य क्षेत्र के कोल ब्लॉकों से संबंधित वन और पर्यावरण स्वीकृतियों की प्रक्रिया भी केंद्र की पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में आगे बढ़ी थी।

वर्ष 2011 में वन सलाहकार समिति की प्रतिकूल अनुशंसा के बावजूद केंद्रीय पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के स्तर पर तारा और पीईकेबी के संबंध में वन स्वीकृति देने का निर्णय लिया गया था। पीईकेबी को जुलाई 2011 में स्टेज-1 और मार्च 2012 में द्वितीयचरण वन अनापत्ति मिली थी। इसी अवधि में परियोजना की पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी।

सीएमडीसी ने कहा है कि देश की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों और विद्युत आपूर्ति की निरंतरता के लिए घरेलू कोयला संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण है। हसदेव क्षेत्र में पूर्ववर्ती राज्य सरकार के कार्यकाल में भी कोयला उत्पादन और बिजली आपूर्ति की जरूरत को ध्यान में रखते हुए विभिन्न स्तरों पर निर्णय लिए गए और केंद्र सरकार से पत्राचार हुआ। वर्ष 2019 और 2021 में कोल ब्लॉकों के आवंटन को लेकर केंद्र सरकार से पत्राचार किया गया था।

वर्ष 2022 में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने हसदेव क्षेत्र के कोल ब्लॉकों के संबंध में एक अशासकीय संकल्प भी पारित किया। निगम ने कहा है कि हसदेव-अरण्य में कोयला संसाधनों के उपयोग का मामला केवल तारा ब्लॉक तक सीमित नहीं है। मोरगा कोल ब्लॉक के आवंटन का विषय भी अभी जीवित है।

पूर्ववर्ती राज्य सरकार ने इसे छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के पक्ष में आवंटित करने के लिए केंद्रीय कोयला मंत्रालय से अनुरोध किया था। राज्य खनिज विकास निगम ने स्पष्ट किया है कि तारा कोल ब्लॉक को लेकर मौजूदा स्थिति यही है कि अभी केवल प्रतिस्पर्धात्मक नीलामी हुई है और खनन शुरू नहीं हुआ है। सफल बोलीदाता को सभी जरूरी वैधानिक अनुमतियां हासिल करनी होंगी।

यह बयान तारा ब्लॉक की नीलामी को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच आया है। कांग्रेस ने राज्य के जैव विविधता से समृद्ध हसदेव-अरण्य क्षेत्र में तारा कोयला ब्लॉक की नीलामी को लेकर बृहस्पतिवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि यह ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पूर्ण समर्थन’’ से किया जा रहा ‘‘एक और पर्यावरण विनाश’’ है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक बयान में दावा किया कि तारा कोयला ब्लॉक की नीलामी में विजेता को लेकर कोई रहस्य नहीं है।

उनका कहना है, नीलामी में विजेता कंपनी सीजी सिन-गैस एंड केमिकल्स लिमिटेड है, जो मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी है। मुंद्रा सिनर्जी लिमिटेड, अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी है।

प्रमुख खबरें

Saudi Arabia की पाइपलाइन पर हुए हमले हमारे इलाके से हुए: Iraq

Gwalior Air Force Station से विमान संबंधी कबाड़ चुराने वाले 3 लोग गिरफ्तार

California में भारतीय मूल की Shalini Thakur की गोली मारकर हत्या, भारतीय युवक पर आरोप

Mumbai में Ganesh Utsav से पहले Central Railway के चार पैदल यात्री पुल बंद