By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 28, 2026
नयी दिल्ली, 28 जुलाई कोल इंडिया लिमिटेड (सीआईएल) ने मंगलवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसका पूंजीगत व्यय 16.64 प्रतिशत बढ़कर 3,399 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 2,914 करोड़ रुपये था। देश की सबसे बड़ी कोयला कंपनी ने एक बयान में कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में भूमि अधिग्रहण तथा पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (आरएंडआर) गतिविधियों पर 804 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो कुल पूंजीगत व्यय का लगभग एक-चौथाई है। समय पर भूमि अधिग्रहण कोयला खनन के लिए बेहद जरूरी है, क्योंकि इसके बगैर भले ही भंडार उपलब्ध हों, खनन परियोजनाएं शुरू नहीं हो सकतीं न ही उनका विस्तार हो सकता है।
कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. साईराम ने कहा, ‘‘भूमि, अवसंरचना और मशीनरी पर निवेश कुल पूंजीगत व्यय का 75 प्रतिशत से अधिक है और इससे उत्पादन लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी।’’ स्वच्छ ऊर्जा पहल के तहत सौर परियोजनाओं पर 278 करोड़ रुपये और संयुक्त उपक्रमों में 207 करोड़ रुपये निवेश किए गए।