Buddh Purnima 2026: Lord Vishnu के 9वें अवतार Gautam Buddha का महासंयोग, जानें शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

By अनन्या मिश्रा | May 01, 2026

हर साल बैसाख माह की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा मनाई जाती है। इस दिन को बैसाख पूर्णिमा भी कहा जाता है। यह दिन हिंदू और बौद्ध धर्म दोनों के लिए बेहद अहम है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान विष्णु के 9वें अवतार महात्मा बुद्ध का इसी दिन अवतार हुआ था। वहीं बैसाख पूर्णिमा को गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और महापरिनिर्वाण भी हुआ था। इस दिन स्नान और दान करने का विशेष महत्व माना जाता है। तो आइए जानते हैं बुद्ध पूर्णिमा की तिथि, मुहूर्त, पूजन विधि और महत्व के बारे में...

क्यों मनातें हैं बुद्ध पूर्णिमा

गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाएं बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही घटित हुई थी। भगवान विष्णु के 9वें अवतार महात्मा बुद्ध का जन्म बैसाख पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। इसी दिन महात्मा बुद्ध को बोध गया में ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। वहीं इसी दिन कुशीनगर में महात्मा बुद्ध ने सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त की थी। इस दिन बौद्ध धर्म के लोग घरों में पवित्र ग्रंथ त्रिपिटक और धम्मपद का पाठ करते हैं।

महत्व

हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। बैसाख पूर्णिमा पर सूर्य उच्च राशि मेष में और तुला राशि में चंद्रमा विराजमान होते हैं। इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता है। वहीं इस दिन दान-पुण्य करने से जातक को पुण्य फल की प्राप्ति होती है। बैसाख पूर्णिमा के दिन मिट्टी के घड़े का दान करना गौ दान के समान फल प्रदान करने वाला माना जाता है। वहीं बैसाख पूर्णिमा पर विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करना शुभ माना जाता है। 

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