By नीरज कुमार दुबे | Jun 16, 2026
नीट यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने देशभर में मैसेजिंग एप टेलीग्राम की पहुंच 22 जून तक सीमित कर दी है। इलेक्ट्रोनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69ए के तहत आज यह आदेश जारी किया। सरकार का कहना है कि यह कदम परीक्षा में नकल और कथित प्रश्नपत्र लीक से जुड़े गिरोहों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि यह निर्णय छात्रों के हित और परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लिया गया है।
हम आपको बता दें कि पिछले कई सप्ताह से टेलीग्राम पर "पेपर लीक्ड नीट", "री नीट 2026" और "प्राइवेट माफिया" जैसे नामों वाले कई चैनल सक्रिय थे। इन चैनलों के माध्यम से चिंतित छात्रों और अभिभावकों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक मांगे जा रहे थे। दावा किया जा रहा था कि वास्तविक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया जाएगा। एनटीए ने कहा कि इस तरह के सभी दावे केवल धोखाधड़ी का हिस्सा हैं और छात्रों को भ्रमित करने के लिए फैलाए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले में जांच एजेंसियों ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। अहमदाबाद शहर साइबर अपराध शाखा ने एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो टेलीग्राम पर आठ चैनल चलाकर छात्रों को निशाना बना रहा था। जांच में सामने आया कि फर्जी खातों के माध्यम से लगभग डेढ़ करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया और एक महीने के भीतर करीब एक हजार मोबाइल नंबरों से संपर्क साधा गया। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ने भी पहले छात्रों को ऐसे दावों से सावधान रहने की चेतावनी दी थी। गृह मंत्रालय के समन्वय से संदिग्ध चैनलों को हटाने की प्रक्रिया भी चल रही है।
एनटीए ने माना कि टेलीग्राम पर अस्थायी रोक से लाखों सामान्य उपयोगकर्ताओं को परेशानी होगी, क्योंकि बहुत से लोग इसका उपयोग पढ़ाई, व्यवसाय और निजी संवाद के लिए करते हैं। एजेंसी ने इस असुविधा पर खेद जताया, लेकिन कहा कि परीक्षा की सुरक्षा सर्वोपरि है और यही इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य है। एजेंसी ने यह भी स्पष्ट किया कि 22 जून के बाद यह प्रतिबंध समाप्त हो जाएगा।
इसी बीच, एनटीए ने छात्रों को भरोसा दिलाने की कोशिश भी की है। मंगलवार सुबह एजेंसी ने जानकारी दी कि प्रवेश पत्र जारी होने के लगभग 24 घंटे के भीतर 10 लाख से अधिक छात्र अपने प्रवेश पत्र डाउनलोड कर चुके हैं। एनटीए के अनुसार उसकी तकनीकी टीम लगातार सर्वर पर नजर बनाए हुए है ताकि सभी अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश पत्र उपलब्ध कराया जा सके और किसी तरह की तकनीकी समस्या न हो।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट यूजी परीक्षा को कथित प्रश्नपत्र लीक के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था। अब 21 जून को होने वाली पुनर्परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। एजेंसियों ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी, सोशल मीडिया संदेश या फर्जी दावे पर विश्वास न करें। यदि कोई व्यक्ति प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या परीक्षा में मदद का दावा करता है तो उसकी सूचना तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें। सरकार और जांच एजेंसियां इस बार परीक्षा को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए हर स्तर पर निगरानी रख रही हैं।