गैंगस्टर विकास दुबे इनकाउंटर मामला, आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश की

By टीम प्रभासाक्षी | Aug 21, 2021

उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे और पांच अन्य के मारे जाने के एक साल बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में अपनी रिपोर्ट पेश की। 

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अधिकारियों ने दिखाई लापरवाहीउसके खिलाफ दर्ज किसी भी मामले में जांच कभी भी निष्पक्ष नहीं थी। चार्जशीट दाखिल करने से पहले गंभीर अपराधों से संबंधित धाराओं को हटा दिया गया था। सुनवाई के दौरान ज्यादातर गवाह मुकर जाते थे। विकास दुबे और उसके सहयोगियों को अदालतों से आसानी से और जल्दी जमानत के आदेश मिल गए, क्योंकि राज्य के अधिकारियों और सरकारी अधिवक्ताओं द्वारा कोई विरोध नहीं किया गया था। अधिकारियों ने कभी भी अभियोजन के लिए विशेष वकील को नियुक्ति नहीं की, राज्य ने कभी भी जमानत रद्द करने के लिए कोई आवेदन नहीं किया, ना ही जमानत आदेश को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया।दुबे से मिले हुए पुलिस कर्मियों पर होगी कार्यवाहीरिपोर्ट में कहा गया है कि चौबेपुर पुलिस स्टेशन में तैनात कुछ पुलिस कर्मियों ने, दुबे को छापे के बारे में बताया था। छापेमारी की तैयारी में कोई उचित सावधानी नहीं बरती गई और किसी भी पुलिसकर्मी ने बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं पहनी हुई थी। उनमें से केवल 18 के पास हथियार थे, बाकी खाली हाथ या लाठियों के साथ गए थे। रिपोर्ट ने दुबे के साथ मिले हुए दोषी लोक सेवकों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने की सिफारिश की है।

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