By दिव्यांशी भदौरिया | Oct 27, 2026
बदलते मौसम में लोगों को सर्दी जुकाम, सिरदर्द और बुखार की समस्याओं से जूझना पड़ता है। ऐसे में कुछ लोगों को लंबे समय तक नाक बहने या बंद होने की समस्या होती है। इस समस्या को सीधे रूप से सर्दी जुकाम मान लिया जाता है।
इतना ही नहीं, वायरल जुकाम के समय भी साइनस में सूजन आ सकती है। इसलिए केवल नाक बहने या बलगम के रंग से दोनों में अंतर करना काफी मुश्किल है। साइनस में सूजन और तरल जमा होने से नाक बंद होना, चेहरे में दर्द या दबाव और गले में बलगाम गिरने जैसे लक्षण नजर आते हैं।
जुकाम और साइनस इंफेक्शन की शुरुआत एक जैसी क्यों लगती है?
सामान्य सर्दी वायरस के कारण होने वाला ऊपरी श्वसन तंत्र का संक्रमण है। इसमें नाक बहना, छींक आना, गले में खराश, खांसी और नाक बंद होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। दूसरी तरफ से साइनसाइटिस में नाक के आसपास मौजूद हवा से भरी छोटी थैलियों, जिन्हें साइनस कहा जाता है, अंदरुनी परत में सूजन आ जाती है। इससे बलगम की निकासी प्रभावित हो सकता है और चेहरे पर दबाव या दर्द महसूस होता है।
वैसे इन दोनों के लक्षण मिलते-जुलते हैं, क्योंकि जुकाम पैदा करने वाले वायरस भी साइनस की परत में सूजन ला सकता है। जिसका मतलब यह है कि हर साइनस बैक्टीरिया के कारण नहीं होता है।
मैयोक्लीनिक क्लीनिक के अनुसार, सामान्य जुकाम एक्यूट साइनसाइटिस ( Acute Sinusitis) का एक आम कारण है। अधिकतर मामलों में लक्षण करीब एक सप्ताह से 10 दिन में ठीक हो जाता है। लेकिन हर व्यक्ति में ठीक होने का समय अलग हो सकता है।
नाक बहना कब सामान्य सर्दी है और कब साइनस का संकेत?
गौरतलब है कि नाक बहने या बंद होने का शुरुआती दौर अक्सर जुकाम होता है। सामान्य सर्दी जुकाम में लक्षण आमतौर पर संक्रमण के शुरुआती दो-तीन दिनों में अधिक महसूस होते हैं। इसके साथ ही छींक, गले में खराश, खांसी और हल्का बॉडी दर्द हो सकता है। अधिकांश जुकाम एक सप्ताह से कम समय में ठीक होने लगते हैं, लेकिन खांसी जैसे कुछ लक्षण ज्यादा समय लेते हैं।
सीडीसी के मुताबिक, साइनसाइटिस की आशंका तब बढ़ जाती है, जब नाक बंद रहने या बलगम निकलने के साथ चेहरे पर दबाव, माथे या गालों में दर्द और गले के पीछे बलगम गिरने की परेशानी भी हो। वहीं, सूंघने की क्षमता कम होना भी इसका एक लक्षण हो सकता है।
अगर नाक और साइनस से संबंधित लक्षण 10 दिन या उससे अधिक समय तक बिना किसी सुधार के बने रहें, तो डॉक्टर बैक्टीरियल साइनस की संभावना पर विचार कर सकते हैं। अगर पहले लक्षण बेहतर हुए और फिर दोबारा बिगड़ गए, तो भी जांच की जरुरत हो सकती हैं। लेकिन समय के अनुसार खुद से निदान करना गलत है।
बैक्टीरियल साइनस की आशंका आमतौर पर इन स्थितियों में बढ़ सकती है:
- इसके लक्षण 10 दिन या उससे अधिक समय तक बनें रहते हैं और सुधार न हो।
- पहले जुकाम में सुधार होने लगे, लेकिन फिर नाक से स्राव, बार-बार सिरदर्द या बुखार जैसे लक्षण दोबारा बढ़ जाएं।
- शुरुआत से ही तेज बुखार, नाक का गाढ़ा स्राव और चेहरे में दर्द लगातार कई दिनों तक बने रहें।
- इन सभी संकतों का आकलन डॉक्टर को करना चाहिए। इस मामले में एंटीबायोटिक जरुरी नहीं होती है।
असल में जुकाम और साइनस के लक्षण एक जैसे ही होते हैं, क्योंकि जुकाम के दौरान भी साइनस में सूजन आ सकती है। सामान्य जुकाम में छींक, गले में खराश और नाक बहना मुख्य हो सकते हैं। वहीं, साइनस की समस्या में चेहरे का दबाव, नाक बंद रहना और बलगम को गले में गिरना भी परेशान कर सकता है। पीला या हरा बलगम अपने आप में बैक्टीरियल संक्रमण का प्रमाण नहीं है। इसके लक्षण 10 दिन से ज्यादा बने रहें, गंभीर हों या सुधार के बाद फिर बिगड़ें, तो डॉक्टर को जरुर दिखाएं।