कांग्रेस का सरकार पर आरोप, कहा- आरोग्य सेतु ऐप निजता के अधिकार का उल्लंघन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 06, 2020

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने ‘आरोग्य सेतु’ को निजता के अधिकार का उल्लंघन करने वाला ऐप करार देते हुए बुधवार को दावा किया कि इसके माध्यम से हर व्यक्ति की 24 घंटे निगरानी की जाएगी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यह सवाल भी किया कि आखिर इस ऐप का डेटा एकत्र करने वाला सर्वर कहां है? उन्होंने वीडियो लिंक के माध्यम से संवाददाताओं से कहा, ‘‘आरोग्य सेतु ऐप को लेकर निजता के उल्लंघन से जुड़े गंभीर मुद्दे हैं। हम सब जानते हैं कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है।

इसे भी पढ़ें: प्रवासी कामगारों की कोविड-19 की जांच पर जोर देना अमानवीय: शिवसेना

उच्चतम न्यायालय ने भी इस संबंध में व्यवस्था दी है।’’ सुरजेवाला के मुताबिक, इस ऐप के बारे में कल एक ऐथिकल हैकर ने ट्वीट के जरिए बताया कि किस प्रकार से इसमें निजता के उल्लंघन का गंभीर मुद्दा है और राहुल गांधी की इसे लेकर जताई गई आपत्ति सही थी। उन्होंने कहा, ‘‘हैकर ने यह भी बताया कि भारत सरकार की ‘इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिसपॉन्स टीम’ (सर्ट) ने उससे तथ्यों की जानकारी ली। यह अपने आप में सबूत है कि यह ऐप निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है।’’ कांग्रेस नेता ने दावा किया, ‘‘यह ऐप हर व्यक्ति की 24 घंटे निगरानी करेगा। यह तो एक जासूसी कैमरा लगाने जैसा है।

इसे भी पढ़ें: कांग्रेस ने लगाया मोदी सरकार पर ‘आर्थिक देशद्रोह’ का आरोप, जानें क्या है पूरा मामला

इसका निर्माण निजी क्षेत्र में किया गया। इस ऐप का संचालन (बैकएंड ऑपरेशन) भी कहीं और से हो रहा है। ऐसे में निजता के अधिकार का उल्लंघन नहीं होने की गारंटी कौन देगा?’’ उन्होंने कहा, ‘‘ वह सर्वर कहा हैं जहां पूरा डेटा एकत्र होगा? यह चीन में है, कोरिया में है या भारत में ही है, सरकार कुछ नहीं बता रही है।’’ सुरजेवाला ने यह दावा भी किया, ‘‘ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआई द्वारा ऐसा ऐप बनाकर हमारे फौजियों को डेटा चुराने कोशिश की जा रही है। हमारी फौज ने इस बारे में अधिकारियों को आगाह किया है।

इस बारे में भारत सरकार कोई जवाब नहीं दे रही है।’’ दरअसल, फ्रांस के हैकर और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ एल्लोट एल्ड्रसन ने मंगलवार को दावा किया कि ऐप में सुरक्षा को लेकर मसले पाए गए हैं और नौ करोड़ भारतीयों की निजता को खतरा है। सरकार ने उनके दावे को खारिज करते हुए कहा कियह सरकारी मोबाइल ऐप है जो कोविड-19 से संक्रमित व्यक्ति का पता लगाएगा और उसके बारे में इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे शख्स को जानकारी देगा, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह ‘मोबाइल ऐप’ निजता की सुरक्षा एवं डेटा सुरक्षा के संदर्भ में ‘‘पूरी तरह से मजबूत और सुरक्षित’’ है।

All the updates here:

प्रमुख खबरें

AI Impact Summit का असर: Delhi में VVIP Movement से कई रास्ते बंद, Police ने जारी किया Traffic Plan

परंपरा और करुणा का संगम! Disha Patani और PETA Indiaने केरल के मंदिर को भेंट किया रोबोटिक हाथी

13 साल की लड़की के हाथ में परमाणु बम का बटन! किम जोंग के फैसले को चुनौती देंगी बहन

Ranbir Kapoor हुए Dhurandhar के मुरीद हुए, Ranveer Singh की फिल्म को बताया अपनी फेवरेट