By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 18, 2021
नयी दिल्ली। भाजपा ने मंगलवार को कांग्रेस पर कोरोना महामारी के दौरान देशवासियों में भ्रम फैलाने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को धूमिल करने का आरोप लगाया और कहा कि इस संकट काल में विपक्षी दल की ‘‘गिद्धों की राजनीति’’ उजागर हुई है। एक ‘‘टूलकिट’’ का हवाला देते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि कोरोना के समय जब पूरा देश महामारी से लड़ रहा है तो कांग्रेस ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए भारत को पूरे विश्व में ‘‘अपमानित और बदनाम’’ करने की कोशश की है। ‘‘टूलकिट’’ एक प्रकार का दस्तावेज होता है जिसमें अपने अभियान को आगे बढ़ाने के लिए बिंदुवार मुद्देहोते हैं। अपने अभियान को धार देने के लिए इन्हीं मुद्दों पर विरोधियों को घेरने के लिए प्रचार-प्रसार किया जाता है। हाल ही में किसान आंदोलन के दौरान भी एक टूलकिट सामने आया था जिसकी काफी चर्चा भी हुई थी।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि आज वह दस्तावेज उनके हाथ आया है जिसके सहारे राहुल गांधी रोज सुबह उठकर रोज ट्वीट करते थे। उन्होंने दावा किया, ‘‘इस टूलकिट में कहा गया है कि प्रधानमंत्री मोदी को बार बार पत्र लिखें। आपने देखा होगा, कभी सोनिया जी चिट्ठी लिख रही हैं कभी कोई और लिख रहा है। ये सब ऐसे ही नहीं हो रहा है। सब कुछ एक डिजायन के तहत हो रहा है, जिसका ब्योरा इस टूलकिट में है।’’ पात्रा ने दावा किया कि इस टूलकिट के जरिए पीएम केयर्स के वेटिलेटर्स पर सवाल उठाने और सेंट्रल विस्टा परियोजना को ‘‘मोदी के निजी घर और महल’’ के रूप में प्रचारित करने का जिक्र किया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘यहां तक कि कुंभ को सुप्रर स्प्रेडर के रूप में प्रचारित करने की बात की गई है। ईद और कुंभ की तुलना कर धर्म को बदनाम करने की कोशिश कांग्रेस ने की है। आप कुंभ को बदनाम करिए और ईद के विषय में कुछ मत कहिए। इस प्रकार की सोच भी हो सकती है क्या किसी की।’’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जो ट्वीट करते हैं, आज उसका स्रोत सामने आया है। उन्होंने कहा, ‘‘वेंटिलेटर्स, टीकों कोविड प्रबंधन को लेकर जो नकारात्मक राजनीति आप फैलाते हैं, आज उसका स्रोत हमारे पास है। बहुत दुख के साथ हमें यह कहना पड़ रहा है कि यह जो कांग्रेस की गिद्धों की राजनीति है आज वह संपूर्ण रूप से उजागर हो गई है। हमें सोनिया जी से और राहुल जी से जवाब चाहिए।’’ भाजपा के इन आरोपों पर कांग्रेस की तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।