By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Apr 30, 2021
नयी दिल्ली। एग्जिट पोल (मतदान बाद सर्वेक्षण) में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन करने का अनुमान लगाए जाने के बाद पार्टी ने कहा है कि वह दो मई को आने वाले विधानसभा चुनावों के नतीजों की प्रतीक्षा करेगी। ज्यादातर एग्जिट पोल में यह अनुमान लगाया गया है कि असम और केरल में कांग्रेस का सत्ता में वापसी का सपना पूरा नहीं पाएगा तथा पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी में भी उसे करारी शिकस्त झेलनी पड़ेगी। तमिलनाडु में द्रमुक की अगुवाई और कांग्रेस की मौजूदगी वाले गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया गया है।
अधिकतर एग्जिट पोल में केरल की ही तरह असम में भी कांग्रेस के विरोधी गठबंधन यानी भाजपा की अगुवाई वाले गठबंधन की जीत का अनुमान लगाया गया है। केरल और असम में अगर कांग्रेस चुनाव जीतने में विफल रहती है तो राहुल गांधी के साथ पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा पर भी सवाल उठेंगे क्योंकि दोनों नेताओं ने इन राज्यों में पूरी ताकत लगाई थी। इन दोनों प्रदेशों में कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। अगर चुनाव नतीजे इन अनुमानों के मुताबिक ही रहते हैं तो फिर गांधी परिवार एक बार फिर से पार्टी के ‘जी 23’ समूह के नेताओं के निशाने पर आ सकता है। ऐसी चर्चा है कि इस समूह के नेता अपना अगल कदम उठाने के लिए इन चुनाव नतीजों की प्रतीक्षा कर रहे हैं। गुलाम नबी आजाद और आनंद शर्मा इस समूह के प्रमुख नेता हैं। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘‘एग्जिट पोल हमेशा अनुमान होते हैं जो चर्चा की भूमिका तैयार करते हैं। कांग्रेस ने ये चुनाव एकजुट होकर लड़ा है और हमें जनादेश आने की प्रतीक्षा करेंगे।’’ पार्टी के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार का कहना है कि एग्जिट पोल का अनुमान कांग्रेस के लिए निराशाजनक हैं, लेकिन वह इससे बेहतर नतीजे की उम्मीद करते हैं।