By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 30, 2026
कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि केरलम के तिरुवनंतपुरम जिले में उसके पार्टी कार्यालयों पर हमला किया गया और ‘‘भाजपा के अपराधियों’’ ने कई स्थानीय नेताओं को धमकी दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को केरलम में हाल में काले झंडे दिखाए जाने के बाद दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच इस घटना से टकराव और बढ़ गया है। हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर ही आरोप लगाया।
केरलम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के अध्यक्ष सनी जोसेफ ने आरोप लगाया कि तिरुवनंतपुरम जिला कमेटी के सचिव को उनके घर पर ‘‘भाजपा के अपराधियों’’ ने धमकी दी। उन्होंने दावा किया कि यहां नेय्यात्तिनकारा में अन्य स्थानीय नेताओं को भी धमकियां दी गईं। राज्य के बिजली मंत्री जोसेफ ने संवाददाताओं से कहा कि ये हमले मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के खिलाफ युवा मोर्चा के काले झंडे दिखाकर किए जा रहे विरोध-प्रदर्शनों की कड़ी हैं।
उन्होंने बताया कि एक दिन पहले युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने राज्य के खेल मंत्री ओ. जे. जनीश के वाहन को रोककर उन्हें काले झंडे दिखाए थे। इसके बाद उनके और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच बहस हो गई थी। तिरुवनंतपुरम डीसीसी कार्यालय का दौरा करने के बाद जोसेफ ने आरोप लगाया, ‘‘इसके बाद भाजपा के अपराधियों ने कथित तौर पर जिला कमेटी के सचिव को उनके घर पर धमकी दी।
उन्होंने नेय्यात्तिनकारा क्षेत्र में अन्य स्थानों पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं को भी धमकाया।’’ उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये हमले राज्य में भाजपा नेतृत्व के समर्थन से किए गए। जोसेफ ने हमले के दोषियों के खिलाफ पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा, ‘‘भाजपा की हिंसा की राजनीति को राज्य में अनुमति नहीं दी जाएगी। कांग्रेस कार्यकर्ता और जनता इसके खिलाफ जोरदार विरोध करेंगे।’’ इसके बाद राज्य की राजधानी में कांग्रेस ने विरोध मार्च निकाला।
जोसेफ ने यह भी दावा किया कि कांग्रेस के खिलाफ हमले विपक्षी दलों द्वारा मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ देशव्यापी विरोध से ध्यान भटकाने के लिए किए जा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह गुंडागर्दी की राजनीति है।’’ इस बीच, चंद्रशेखर ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में भाजपा नेता पर हुए हमले को ‘‘कांग्रेस/आईयूएमएल सरकार के तहत केरलम में कानून-व्यवस्था के पूरी तरह ध्वस्त होने का ताजा सबूत’’ बताया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह राहुल गांधी की पार्टी कांग्रेस की वही विनाशकारी राजनीति है, जिसने हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी के कोल्लम दौरे के दौरान सुरक्षा में सेंध लगायी थी।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) द्वारा नियंत्रित वी. डी. सतीशन सरकार संविधान और कानून के शासन की लगातार अनदेखी कर रही है।’’ इससे पहले, राज्य के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस के दो कार्यालयों पर हुए हमलों पर बुधवार को नाराजगी जताई और कहा कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चेन्निथला ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया कि इन दोनों घटनाओं के पीछे किसका हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस जांच करेगी और दोषियों का पता लगाएगी।
उन्होंने तिरुवनंतपुरम डीसीसी कार्यालय के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘दोषियों की पहचान करने के लिए पुलिस सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है। हमलावर चाहे जो भी हों, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’ मंत्री ने कहा कि सभी को विरोध प्रदर्शन करने का अधिकार है, लेकिन अगर प्रदर्शन हिंसक हो जाता है तो पुलिस उसके अनुरूप कार्रवाई करेगी। वह इस सवाल का जवाब दे रहे थे कि क्या कांग्रेस कार्यालयों पर हुए हमलों और युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यमंत्री, उनके तथा अन्य मंत्रियों को दिखाए जा रहे काले झंडों के बीच कोई संबंध है।
हमलों की कड़ी निंदा करते हुए चेन्निथला ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि इनके पीछे क्या मंशा थी, ‘‘लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था में इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।’’ उन्होंने कहा कि केरलम में कहीं भी राजनीतिक दलों के कार्यालयों पर हमला नहीं किया जाता, क्योंकि ‘‘यह हमारी संस्कृति नहीं है।’’ अनावूर मंडलम समिति कार्यालय में कांग्रेस के एक स्थानीय नेता ने कहा कि प्रत्यक्षदर्शियों ने एक भाजपा कार्यकर्ता को कार्यालय की परिसर की दीवार पर लगे मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत ओमन चांडी के पोस्टरों पर कोई पदार्थ डालते और फिर उनमें आग लगाते देखा। उन्होंने एक टीवी चैनल से कहा, ‘‘स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के कारण आग कार्यालय तक नहीं फैल सकी, लेकिन पोस्टर जल गए।’’ केरलम में हाल में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के दौरान काले झंडे दिखाए जाने के बाद से युवा मोर्चा के कार्यकर्ता मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के वाहनों को काले झंडे दिखा रहे हैं और उन्हें रोक रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक इस मामले में कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका काले झंडे दिखाकर विरोध जारी रहेगा।