Swami Avimukteshwaranand के समर्थन में उतरी Congress, FIR को बताया बड़ी साजिश, UP में प्रदर्शन

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 26, 2026

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वालों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग को लेकर बुधवार को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। यहां जारी एक बयान में कांग्रेस पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को संबोधित ज्ञापन 25 फरवरी को राज्य के सभी जिलों में जिलाधिकारियों के माध्यम से सौंपे गए थे। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिंदवी ने पीटीआई- को बताया कि उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिला प्रशासन के माध्यम से यह ज्ञापन सौंपे गए।

इसे भी पढ़ें: AI summit Protest | शिमला से दिल्ली तक हाई-वोल्टेज ड्रामा! युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर भिड़ीं दो राज्यों की पुलिस, 24 घंटे बाद गतिरोध समाप्त

संविधान के अनुच्छेद-25 और 26 का हवाला देते हुए ज्ञापन में कहा गया कि ये प्रावधान धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक संप्रदायों को अपने मामलों का प्रबंधन करने के अधिकार की गारंटी देते हैं। इसने शंकराचार्य के पद को सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक बताते हुए आरोप लगाया कि पूरा प्रकरण योजनाबद्ध तरीके से रचा गया प्रतीत होता है। कांग्रेस पार्टी ने ज्ञापन में कहा, हम अनुरोध करते हैं कि जिन लोगों ने प्राथमिकी दर्ज कराई है, उनकी पृष्ठभूमि की जांच उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा पारदर्शी तरीके से की जाए और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

इसे भी पढ़ें: PM Modi की Israel यात्रा पर Congress का बड़ा हमला, पवन खेड़ा ने पूछा- किसके कहने पर जाते हैं विदेश?

कांग्रेस ने अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की भी मांग की ताकि सच्चाई सामने आ सके। इससे पहले, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय राय ने वाराणसी में संत से मुलाकात के बाद संवाददाताओं से कहा था कि पार्टी इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के साथ मजबूती से खड़ी है। कांग्रेस ने कहा कि वह पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सरकार पर दबाव बनाती रहेगी।

इसे भी पढ़ें: Rahul Gandhi के आरोपों पर भड़के Nitin Gadkari, बोले- Congress ने रणनीतिक अवसरों को कमजोर किया

प्रयागराज में 21 फरवरी को अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्य मुकुंदानंद ब्रह्मचारी के खिलाफ पिछले एक साल में एक गुरुकुल और धार्मिक सभाओं में एक नाबालिग सहित दो व्यक्तियों के साथ यौन दुर्व्यवहार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला दर्ज होने के कुछ दिनों बाद, सरस्वती ने सोमवार को कहा था कि वह अपनी गिरफ्तारी का विरोध नहीं करेंगे और जोर देकर कहा था कि मनगढ़ंत कहानी का पर्दाफाश देर-सवेर हो ही जाएगा।

प्रमुख खबरें

अमेरिका का नया नियम: शरण चाहने वालों को अब बिना प्रारंभिक साक्षात्कार सीधे आव्रजन न्यायालयों में भेजा जाएगा

भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन अगले सप्ताह पहली बार करेंगे अंतरिक्ष में चहल-कदमी

राहुल गांधी विदेशी ताकतों की कठपुतली, विपक्ष के नेता पद से हटाने का प्रयास करूंगा: निशिकांत दुबे

कर्नाटक: बेलगावी में जिला कांग्रेस कार्यालय के अंदर पदाधिकारियों की नियुक्ति को लेकर दो गुटों में झड़प