उत्तर प्रदेश: कांग्रेस ने की नदियों में शव बहाये जाने की घटना की न्यायिक जांच की मांग

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 14, 2021

लखनऊ। उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने गंगा तथा कुछ अन्य नदियों में कथित रूप से कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के शव प्रवाहित किए जाने के मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बृहस्पतिवार को वर्चुअल माध्यम से की गई प्रेसवार्ता में कहा कि कोविड-19 के संदिग्ध मरीजों के शव नदियों में बहाया जाना प्रदेश सरकार की नाकामी हैं, ऐसे में महामारी को रोकने में सरकार की विफलता का अंदाजा नदियों में बहते शवों को देखकर आसानी से लगाया जा सकता है। उनका कहना था कि नदियों के तट तक बह कर आये कई शव पीपीई किट में लिपटे हैं जिन्हें आवारा जानवर नोंच रहे हैं।

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लल्लू ने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा के जनप्रतिनिधि, मंत्री और विधायक कोरोना महामारी को न रोक पाने और समुचित इलाज के अभाव के विषय में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर अपनी ही सरकार की नाकामियों को उजागर कर रहे हैं मगर सरकार लगातार झूठ और फरेब की राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेता के अनुसार उसने आम जनता को भगवान के भरोसे छोड़ दिया है और इवेंट मैनेजमेंट के माध्यम से अखबारों में हेडलाइन बनाने में जुटी हुई है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि झूठे आंकड़ों के बल पर योगी सरकार कोरोना वायरस को काबू करने का थोथा दावा कर रही है जबकि असलियत यह है कि गांवों में कोरोना टेस्टिंग के अलावा दवा, आक्सीजन, बेड, चिकित्सकों के अभाव में बड़ी संख्या में लोग जान गंवा रहे हैं। वर्चुअल प्रेसवार्ता में कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा ने कहा कि सरकार चिकित्सीय उपकरणों और दवाओं पर तत्काल जीएसटी खत्म करे जिससे आम जनता को कोरोना के इस भीषण महामारी के समय राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के भयावह स्वरूप को देखते हुये सरकार को तीसरी लहर से निपटने के लिये अभी से समुचित कदम उठाना चाहिए।

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