By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 08, 2026
कांग्रेस ने शनिवार को कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के सदन में उपस्थित होकर सांसदों के सवालों का सामना नहीं करने के कारण संसद का कामकाज लगातार प्रभावित हो रहा है और ऐसे अब वर्तमान मानसून सत्र के चार कार्यदिवस बचे हैं तो उन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस की कार्यवाही को लेकर जवाब देना चाहिए। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि संसद का कामकाज लगातार 15 दिनों से सामान्य रूप से नहीं चल पाया तो एकमात्र वजह गृह मंत्री का दोनों सदनों में आकर पुलिस कार्रवाई पर बयान देने से इनकार करना है। उन्होंने यह आरोप लगाया कि इस मानसून सत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री की कायरता का पर्दाफाश हो गया है।
रमेश ने कहा कि गृह मंत्री को पुलिस कार्रवाई पर अपना पक्ष रखना चाहिए। कांग्रेस महासचिव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े ‘‘चढ़ावा चोरी’’ और ‘‘आस्था के साथ धोखे’’ के आरोपों पर जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं पांच फरवरी 2020 को लोकसभा में राम मंदिर ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी।
रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री द्वारा चुने गए उसी ट्रस्ट ने ‘‘सभी भारतीयों के भरोसे और आस्था के साथ विश्वासघात किया है’’ और प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर चुप नहीं रह सकते। उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि यह जोड़ी ‘‘बड़ी-बड़ी बातें करने और खोखली डींगें हांकने में माहिर’’ है, लेकिन उनकी ‘‘कायरता’’ का अब पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है।