कांग्रेस ने गरीबी हटाओ का नारा दिया था, भ्रष्टाचार तो कांग्रेस की रग-रग में है- वीडी शर्मा

By दिनेश शुक्ल | Oct 21, 2020

भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने देश से गरीबी हटाने का नारा दिया था, लेकिन वे कभी गरीबी हटा नहीं पाई। देश-प्रदेश से गरीबी हटाने का काम भाजपा की सरकारों ने किया है। चाहे देश हो या मध्य प्रदेश यहां पर गरीब, किसानों के लिए भाजपा की सरकार ने ही काम किया है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटलबिहारी वाजपेयी ने देश के गांवों को प्रधानमंत्री सड़क योजना दी तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर गरीब को पक्का मकान दिया, उनको गैस की टंकी दी। उन्होंने किसानों को सम्मान निधि देकर उनका मान बढ़ाया। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 15 वर्षों में मध्य प्रदेश को बंटाढार प्रदेश से विकास के पथ पर लाकर खड़ा किया। कांग्रेस ने सिर्फ बातें की थीं, लेकिन जमीन पर काम भाजपा ने किया है। ये बातें प्रदेश अध्यक्ष व सांसद विष्णुदत्त शर्मा ने मंगलवार को सांची विधानसभा के गैरतगंज, मुंगावली और अशोकनगर  में जनसभाओं को संबोधित करते हुए कही। 

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प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राजनीति में सबको सम्मान एवं समान नजर से देखा जाता है, लेकिन कांग्रेस ने हमेशा से जातिगत आधार पर राजनीति की है। कांग्रेस हमेशा से दलित विरोधी रही है, इसलिए आजादी के इतने वर्षों तक दलितों का उत्थान नहीं हुआ, उनका विकास नहीं हुआ। भाजपा की सरकार ने दलितों को उनके अधिकार दिलाने का काम किया है। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा है कि कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ एक दलित मंत्री बहन इमरती देवी को अपशब्द कहते हैं। वे गरीब परिवार से राजनीति में आई और मेहनत से मंत्री पद तक पहुंची और ये कमलनाथ उनका अपमान कर रहे हैं। उनके एक पूर्व मंत्री पीसी शर्मा कह रहे हैं कि जब भगवान श्रीकृष्ण ने पूतना का वध किया था तो कंस धरने पर बैठ गया था। ये है इनकी सोच और इनके विचार। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सबका साथ-सबका विकास के आधार पर राजनीति की है, लेकिन कांग्रेस जातिगत आधार पर चुनाव लड़ती रही है और इस बार जनता कांग्रेस को इसका जबाव भी देगी।

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प्रदेश अध्यक्ष व सांसद ने कहा कि कमलनाथ को प्रदेश के गरीबों की चिंता नहीं थी। उन्हें तो मुंबई के हीरो-हीराइनों की चिंता थी। गरीबों के लिए चलाई जा रही योजनाओं को तो बंद कर दिया, लेकिन आईफा अवार्ड के लिए 700 करोड़ रूपए का बजट बनाया। किसानों की कर्जमाफी तो नहीं की, कोरोना वायरस की चिंता तो नहीं की, लेकिन आईफा अवार्ड की चिंता करते रहे और उसके लिए बैठकें करते रहें। विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि ये कमलनाथ तो उद्योगपति हैं, सेठ हैं, वे क्या गरीबों का दर्द जानें। वे क्या किसी गरीब के बेटे को पढ़ाने का सुकून महसूस करेंगे। ये काम तो हमारे किसान के बेटे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ही कर सकते हैं, वे ही गरीबों का दर्द समझ सकते हैं, क्योंकि उन्होंने उस दौर को भी देखा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीबों के बेटे-बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने की योजना शुरू की तो कमलनाथ की सरकार ने उसे ही बंद कर दिया। कमलनाथ तो कभी चाहते ही नहीं हैं कि किसी गरीब का कोई भला हो जाए। वे तो खुद ही उद्योगपति रहना चाहते हैं, बाकी सबको को अपने पैरों के नीचे ही रखना चाहते हैं। 

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