चावल से एथनॉल उत्पादन में 10790 लीटर पानी की खपत, Congress ने E20 fuel नीति पर उठाए गंभीर सवाल

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 06, 2026

कांग्रेस ने बुधवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार द्वारा पूरे देश में ई20 ईंधन को जल्दबाजी में लागू किया जा रहा है और इसके जल संसाधनों तथा खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले प्रभावों की अनदेखी की जा रही है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ई20 ईंधन के पर्यावरणीय प्रभाव का समग्र आकलन तभी संभव है, जब इसके जल संसाधनों और खाद्य सुरक्षा पर पड़ने वाले असर को भी ध्यान में रखा जाए। उन्होंने दावा किया, ‘‘जहां अन्य देशों में बड़े पैमाने पर कृषि अवशेषों और अन्य जैविक अपशिष्ट से एथनॉल का उत्पादन किया जाता है, वहीं भारत में इसका उत्पादन मुख्य रूप से गन्ना, धान और मक्का पर आधारित है, जो अधिक पानी की खपत वाली फसलें हैं।’’ रमेश के अनुसार, गन्ना और धान मिलकर देश के कुल सिंचाई जल का लगभग 70 प्रतिशत उपयोग करते हैं।

रमेश ने आरोप लगाया कि इसके बावजूद केंद्र सरकार एथनॉल उत्पादन के लिए चावल के उपयोग को प्रोत्साहन दे रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने हाल ही में संसद में स्वीकार किया है कि एथनॉल बनाने वाली इकाइयों को औसत खरीद मूल्य से लगभग 40 प्रतिशत कम कीमत पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि वास्तव में पर्यावरण हितैषी ईंधन नीति वही होगी, जो जिस ईंधन को बढ़ावा देती है, उसके समग्र पर्यावरणीय प्रभाव का भी आकलन करे।

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उन्होंने आरोप लगाया कि ई-20 को बढ़ावा देने के पीछे की प्रेरणा पर्यावरण संरक्षण नहीं है।

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