By अभिनय आकाश | Jan 16, 2025
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (आईएनसी) ने पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991 की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का विरोध करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक आवेदन दायर किया है। पार्टी ने इस बात पर जोर दिया कि यह अधिनियम भारत के धर्मनिरपेक्ष ढांचे की आधारशिला है और चेतावनी दी है कि इसके ख़िलाफ़ चुनौतियाँ धर्मनिरपेक्षता के स्थापित सिद्धांतों को कमज़ोर करने के दुर्भावनापूर्ण प्रयास हैं। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल द्वारा दायर हस्तक्षेप आवेदन में इस बात पर प्रकाश डाला गया कि यह अधिनियम भारतीय लोगों के जनादेश को दर्शाता है, क्योंकि इसे जनता दल के सहयोग से कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान अधिनियमित किया गया था।
वर्तमान चुनौती न केवल कानूनी रूप से निराधार है, बल्कि संदिग्ध उद्देश्यों के साथ दायर की गई प्रतीत होती है। पार्टी ने कहा, इस कानून में कोई भी बदलाव भारत के सांप्रदायिक सद्भाव और धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को खतरे में डाल सकता है, जिससे संभावित रूप से राष्ट्र की संप्रभुता और अखंडता को खतरा हो सकता है।