ज्वालामुखी में बनने वाले अस्पताल को लेकर सियासत तेज, पूर्व विधायक बोले भाजपा की राजनीति का शिकार हो गया मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट

By विजयेन्दर शर्मा | Aug 27, 2021

धर्मशाला। जिला कांगडा के ज्वालामुखी नगर में बनने वाले सरकारी सिविल अस्पताल को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरोप प्रत्यारोंपों के सिलसिले के बीच हिमाचल हाईकोर्ट ने सरकार को अस्पताल का निर्माण शुरू करने का आदेश दिया है। जिसे कांग्रेस के लिये एक झटके के तौर पर देखा जा रहा है।  कांग्रेस पार्टी के कुछ नेताओं ने जनहित याचिका दाखिल की थी। 

दरअसल, ज्वालामुखी में बनने वाले अस्पताल के निर्माण को रोकने को लेकर कांग्रेस पार्टी ने हिमाचल हाईकोर्ट से स्टे लिया था।  अस्पताल के निर्माण को लेकर पूर्व विधायक संजय रतन व मौजूदा विधायक रमेश धवाला के बीच पिछले चार सालों से कशमकश चलती रही है। अस्पताल की वजह से ही संजय रतन पिछला चुनाव हार गये थे। सियासी पेचों में फंसे अस्पताल के निर्माण को लेकर हाईकोर्ट के फैसले से नया मोड आया है। लेकिन नेताओं में अब निर्माण का श्रेय लेने की होड है। 

 

 

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इसी मामले पर ज्वालामुखी के पूर्व विधायक संजय रतन ने  ज्वालामुखी रेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भाजपा ज्वालामुखी में बनने वाले सिविल अस्पताल पर राजनैतिक रोटियां सेंक रही है लेकिन कांग्रेस पार्टी अस्पताल के मामले में राजनिति नहीं करने देगी। 

उन्होंने कहा कि भाजपा आरंभ से ही नादौन रोड पर अस्पताल भवन के निर्माण की विरोधी रही है कांग्रेस पार्टी ने ज्वालामुखी बस अड्डे के पास से पुराने अस्पताल को शिफ्ट किया था ताकि जनता को सुविधाएं मिल सकें उसके बाद अस्पताल का दर्जा बड़ा कर के पहले 50 बेड और उसके बाद 100 बेड का किया गया।

संजय रतन ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही अस्पताल के लिए भवन निर्माण को 10 करोड़ 54 लाख रूपये उन्होंने सरकार से स्वीकृत करवाए। और इसके टैंडर के बाद ठेकेदार का काम भी शुरू हो गया। लेकिन भाजपा ने सत्ता में आते ही ना केवल काम को रुकवा दिया बल्कि हमारी सरकार द्वारा बनाए गए भवन के साइट प्लान को भी बदल दिया।

 

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जिस वजह से अस्पताल भवन निर्माण का काम लगभग चार साल लेट हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक रमेश धवाला ने अस्पताल भवन को वापस शिफ्ट करने के लिए सरकार पर दबाव बनाया। यहां पर मुख्यमंत्री स्वास्थ्य मंत्री व अधिकारियों के निरीक्षण करवाए गए। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों की टीम ने यहां निरीक्षण किया । और दोनों साइटों पर जाकर उन्होंने सरकार को रिपोर्ट पेश की की मौजूदा स्थान पर ही अस्पताल भवन बन सकेगा।

  

उन्होंने कहा कि कांग्रेस समर्थित कुछ जनप्रतिनिधियों के माध्यम से उन्हें हिमाचल हाईकोर्ट में जाकर याचिका दायर करनी पड़ी। ताकि अस्पताल को वापस पुराने स्थान पर स्थानांतरित ना किया जाए । उन्होंने कहा कि हम माननीय उच्च न्यायालय के भी धन्यवाद करते हैं। जिन्होंने अस्पताल के भवन को मौजूदा अस्पताल परिसर में ही बनवाने को आदेश दिए हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से आग्रह किया है कि शीघ्र अस्पताल के भवन का निर्माण शुरू किया जाए । ताकि क्षेत्र के लोगों के अलावा बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी इसका लाभ मिल सके।

संजय रतन ने कहा कि भाजपा के नेता और कार्यकर्ता अस्पताल के नाम पर राजनीति कर रहे हैं ।  उन्होंने आरोप लगाया कि जिस अस्पताल को कांग्रेस शासनकाल में 10 करोड़ 54 लाख में बनाया जा रहा था आज वह भाजपा की लापरवाही की वजह से 14 करोड़ 25 लाख में बनाया जा रहा है । उसमें साढे तीन करोड़ अतिरिक्त पैसा खर्च हो रहा है यह जनता का पैसा है । जिसे कुछ लोगों के स्वार्थ की खातिर बर्बाद किया गया है। आवश्यक हुआ तो इसकी विजिलेंस जांच भी करवाई जाएगी । उन्होंने कहा की केंद्रीय विश्वविद्यालय देहरा और ज्वालामुखी अस्पताल दोनों में भाजपा नेताओं ने राजनीति करके लोगों को गुमराह किया है। जिस वजह से दोनों संस्था राजनीति की बलि चढ़े रही हैं । जिसे सहन नहीं किया जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो कांग्रेस संघर्ष का मार्ग अपनाने पर भी विवश हो सकती है । 

इस अवसर पर ज्वालामुखी के कांग्रेसी नेता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन दीपक चौहान नगर परिषद ज्वालामुखी के अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा जिला पार्षद सीमा देवी कांग्रेसी नेता उत्तम चंद पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र राणा,  कांग्रेस नेता ज्ञानेश्वर दत्त व अन्य पार्टी नेता मौजूद रहे।

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