कांग्रेस विधायक दल की बैठक आज, सचिन पायलट शामिल होने से कर चुके हैं इनकार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 13, 2020

नयी दिल्ली। राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस में अंदरुनी कलह के बीच उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने पार्टी से बगावत के संकेत देते हुए दावा किया कि उनके साथ तीस से अधिक विधायक हैं और अशोक गहलोत सरकार अल्पमत में आ चुकी है। पायलट के दावे के उलट कांग्रेस ने कहा है कि गहलोत सरकार पूरी तरह से सुरक्षित है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को विधायक दल की बैठक में यह स्पष्ट हो जाएगा कि कांग्रेस की सरकार बहुमत में है। एक वरिष्ठ पार्टी नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री मीडिया के सामने विधायकों की परेड भी करा सकते हैं और जरूरत पड़ी तो राज्यपाल से मुलाकात कर विधायकों की सूची भी उन्हें सौंपेंगे। कांग्रेस सूत्रों का कहना है, ‘‘पायलट ने आलाकमान के सामने अपनी कुछ मांगें रखी थीं। इसके बाद उन्हें संदेश भिजवाया गया था कि वह एक संक्षिप्त बयान जारी करें कि उनकी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी में पूरी आस्था है तथा वो जो भी फैसला करेंगे वह उन्हें स्वीकार होगा।’’ सूत्रों ने कहा, ‘‘देर शाम तक पायलट की तरफ से ऐसा कोई बयान नहीं आया।’’ 

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इस पूरे मामले पर पायलट ने रविवार शाम अपनी चुप्पी तोड़ी और अपने बागी रुख का संकेत दे दिया। उधर, जयपुर में पार्टी के कई विधायक और निर्दलीय विधायक गहलोत के नेतृत्व में विश्वास प्रकट करने के लिये उनके निवास पर मुलाकात कर रहे हैं। पायलट के समर्थक माने जाने वाले कुछ विधायकों के शनिवार को दिल्ली में होने के वजह से गुटबाजी की चर्चा को हवा मिली थी। हालांकि तीन ऐसे विधायकों ने जयपुर आकर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि दिल्ली वे अपने व्यक्तिगत कारणों से गये थे। दानिश अबरार, चेतन डूडी और रोहित बोहरा ने कहा कि उनके बारे में मीडिया ने आंशका जताई थी, लेकिन वो पार्टी आलाकमान के निर्देशों का पालन पार्टी के एक सच्चे सिपाही की तरह करेंगे। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है, जिसके बारे में पायलट ने कहा कि वह इस बैठक में शामिल नहीं होंगे। कांग्रेस आलाकमान ने राजस्थान में इस संकट को टालने के मकसद से अपने वरिष्ठ नेताओं अजय माकन और रणदीप सुरजेवाला को केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर जयपुर भेजा है।

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