By प्रेस विज्ञप्ति | Sep 05, 2024
जम्मू कश्मीर। पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने किश्तवाड़ में भारतीय जनता पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में किश्तवाड़ व पैडर नागसेनी विधानसभा में पदयात्रा, रोडशो व जनसभाओं को संबोधित कर पार्टी प्रत्याशी सुशगुन परिहार व सुनील शर्मा जी को भारी मतों से विजयी बनाने का आह्वाह्न किया। साथ ही अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस व नेशनल कांफ्रेंस धारा 370 को वापस लाकर जम्मू-कश्मीर को फिर से अराजकता-आतंकवाद की आग में झोंकना चाहती है।
अनुराग ठाकुर ने कहा, ''एक समय था जब कश्मीर संघर्ष, आतंकवाद, और अस्थिरता का पर्याय बन चुका था। लेकिन आज, हम एक ऐसे जम्मू-कश्मीर की आबो-हवा में जी हैं, जो शांति, विकास, और समृद्धि की राह पर आगे बढ़ रहा है। इस परिवर्तन की कहानी सिर्फ़ किसी राजनीतिक बदलाव की नहीं है, बल्कि यह कहानी है दृढ़ संकल्प, निष्ठा, और कश्मीर के लोगों के प्रति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विशेष संवेदनशीलता की। कश्मीर के लोगों के साथ हर कदम पर खड़े रहने का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी का संकल्प किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने अपने नेतृत्व में कश्मीर को एक नई दिशा दी है।''
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा, ''आज यहाँ एम्स है, IIM है, आईआईटी है, 11 मेडिकल कॉलेज है, निफ्ट है, आईआईएमसी है , थोड़ी शांति हुई है तो पर्यटक रिकॉर्ड संख्या में आ रहे हैं, infrastructure का विकास हो रहा है, रेलवे लाइन की दुनियाँ भर में चर्चा हो रही है और सबसे बड़ी बात शीतल देवी जैसे युवा जम्मू कश्मीर के कोने-कोने से निकलकर अपनी प्रतिभा के बूते देश भर के लोगों का प्यार पा रहे। नया जम्मू कश्मीर है जो शेष भारत में साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहता है, साल के 8 महीने कर्फ़्यू में रहकर नहीं. मोदी सरकार हर क्षेत्र में कितना तेजी से यहाँ विकास कर रही है इस एक आँकड़े से समझिए कि अगस्त 2019 से पहले हर दिन औसतन 6.4 किमी सड़क ही बन पाती थी, लेकिन अब हर दिन 20.6 किमी सड़क बन रही है। मोदी जी ने जो जो गारंटी दी थीं वो पूरी की और जो रह गई वो करेंगे, आज आपको केंद्र की सभी योजनाओं का लाभ मिल रहा है आयुष्मान भारत, पीएम आवास और हर घर जल जैसी योजनाएँ यहाँ के लोगों के जीवन में बदलाव का रही हैं. उन्होंने कहा है कि फिर से पूर्ण राज्य का दर्जा मिलेगा तो ये गारंटी भी पूरी होगी। मोदी सरकार ने पश्चिम पाकिस्तान के लोगों, वाल्मिकियों, बकरवाल ,समुदाय के बाहर शादी करने वाली महिलाओं, गैर-पंजीकृत कश्मीरी प्रवासियों और विस्थापित लोगों को उनके अधिकार दिए हैं।''