By अभिनय आकाश | Jan 07, 2026
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार (7 जनवरी) को कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से साफ इनकार करते हुए इसे "अस्वीकार्य" बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिए गए फैसले को सुधारा जाएगा। यह स्पष्टीकरण अंबरनाथ नगर परिषद में हुए एक चौंकाने वाले राजनीतिक घटनाक्रम के बाद आया है, जहां भाजपा और कांग्रेस ने कथित तौर पर एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सत्ता में आने से रोकने के लिए हाथ मिला लिया था। इस कदम से राज्य में राजनीतिक तनाव काफी बढ़ गया है।
फडणवीस ने कहा कांग्रेस के साथ गठबंधन स्वीकार्य नहीं है। अंबरनाथ में स्थानीय स्तर पर लिया गया निर्णय बदला जाएगा; कांग्रेस के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा। ठाणे जिले में मुंबई से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित अंबरनाथ में भाजपा के "कांग्रेस-मुक्त भारत" के लंबे समय से चले आ रहे अभियान के बावजूद अप्रत्याशित गठबंधन देखने को मिला। इस गठबंधन का उद्देश्य शिवसेना के शिंदे गुट को सत्ता से बाहर रखना था। भाजपा-कांग्रेस के इस गठबंधन ने राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं और महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य में काफी बहस छेड़ दी है, जिससे स्थानीय स्तर की चुनावी राजनीति की जटिलताएं उजागर होती हैं।
इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है। हालांकि, इन घटनाक्रमों से शिवसेना के शिंदे गुट में काफी असंतोष फैल गया है। भाजपा-कांग्रेस गठबंधन के बाद शिंदे गुट बेहद उग्र है। शिवसेना के शिंदे गुट ने भाजपा पर तीखा हमला करते हुए इस गठबंधन को "अपवित्र गठबंधन" करार दिया है। शिवसेना विधायक बालाजी किनिकर ने कांग्रेस-मुक्त भारत की बात करने वाली भाजपा पर शिवसेना पर हमला करने के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करने का आरोप लगाया है।