ऐन चुनावों के समय कांग्रेस के बुजुर्ग नेता घर पर चुपचाप बैठे हैं और युवा नेता पार्टी छोड़ रहे हैं

By नीरज कुमार दुबे | Jan 25, 2022

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के लिए जो स्टार प्रचारकों की सूची जारी की उसमें शामिल पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह भाजपा में शामिल हो गये। कांग्रेस ने 'लड़की हूँ लड़ सकती हूँ' अभियान चलाया लेकिन उसकी पोस्टर गर्ल ही भाजपा में शामिल हो गयीं। यही नहीं उम्मीदवारों की घोषित सूची में से भी कई नाम दूसरे दलों में चले गये हैं। कांग्रेस पार्टी में एक ओर बुजुर्ग नेता नाराज बैठे हैं और दूसरी ओर युवा नेता लगातार पार्टी छोड़ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि क्या अब भी यह पार्टी चेतेगी? सिर्फ गांधी परिवार की ही चलेगी किसी और की नहीं सुनी जायेगी। इस सिद्धांत के चलते पार्टी तेजी से बिखरती चली जा रही है। कांग्रेस के जी-23 समूह में शामिल नेता पाँच राज्यों के महत्वपूर्ण विधानसभा चुनावों के समय घर पर चुपचाप बैठे हुए हैं तो युवा नेता एक-एक कर पार्टी छोड़ते जा रहे हैं। पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस छोड़ी, फिर जितिन प्रसाद ने और अब आरपीएन सिंह ने। इसके अलावा कांग्रेस की युवा नेता और महिला कांग्रेस की अध्यक्ष रहीं सुष्मिता देव और अशोक तंवर जैसे नेता भी कांग्रेस छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं। देखा जाये तो राहुल गांधी के करीबी युवा नेता कांग्रेस छोड़ चुके हैं। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी भी जब-तब बागी तेवर दिखाते रहते हैं। देखना होगा कि वह कांग्रेस में कब तक रहते हैं।

दूसरी ओर, भाजपा में शामिल होने के बाद आरपीएन सिंह ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए तत्पर हूं।’’ उन्होंने कहा कि मुझे भाजपा में शामिल होने का न्यौता पहले भी मिला था लेकिन अब कह सकता हूँ कि देर आये दुरुस्त आये। आरपीएन सिंह ने केंद्र और योगी सरकार के कार्यों की भी जमकर तारीफ की।

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उल्लेखनीय है कि कुशीनगर जिले के पडरौना राजघराने से ताल्लुक रखने वाले आरपीएन सिंह का पूरा नाम कुंवर रतनजीत प्रताप नारायण सिंह है। वह पिछले कुछ समय से कांग्रेस में खुद को अलग-थलग महसूस कर रहे थे। हम आपको बता दें कि आरपीएन सिंह मनमोहन सिंह सरकार में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। वह 2009-2014 तक उत्तर प्रदेश की कुशीनगर लोकसभा सीट से सांसद रहे। इससे पहले वह कई वर्षों तक पडरौना विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी रहे। साल 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। आरपीएन सिंह ने भाजपा में शामिल होने से पहले मंगलवार सुबह कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को भेजे त्यागपत्र की प्रति ट्विटर पर साझा की और कहा, ‘‘आज, जब पूरा राष्ट्र गणतन्त्र दिवस का उत्सव मना रहा है, मैं अपने राजनीतिक जीवन में नया अध्याय आरंभ कर रहा हूं। जय हिंद।’’ उन्होंने इस्तीफे में पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते हुए कहा है, ‘‘मैं राष्ट्र, लोगों और पार्टी की सेवा करने का अवसर प्रदान करने के लिए आपका (सोनिया का) धन्यवाद करता हूं।’’ पूर्व केंद्रीय मंत्री आरपीएन सिंह अब तक कांग्रेस में राष्ट्रीय प्रवक्ता और झारखंड के प्रभारी की जिम्मेदारी निभा रहे थे। भाजपा मुख्यालय आने से ठीक पहले आरपीएन सिंह ने ट्वीट कर कहा कि यह मेरे लिये एक नई शुरुआत है। मैं माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा जी और गृहमंत्री अमित शाह के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान देने के लिए तत्पर हूँ।

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