By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 04, 2026
नयी दिल्ली, चार अक्टूबर कांग्रेस ने उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश उज्ज्वल भुइयां द्वारा मतदान के अधिकार को लेकर दिये गये बयान का हवाला देते हुए रविवार को दावा किया कि उनकी टिप्पणियों से यह साबित होता है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ने संविधान की भावना और उसके प्रावधानों का उल्लंघन किया है। विपक्षी दल ने कहा कि न्यायमूर्ति भुइयां की टिप्पणी ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को “पूरी तरह बेनकाब कर दिया है” और अब उनके पास पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं रह गया है। कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने एक खबर साझा की, जिसमें न्यायमूर्ति भुइयां के हवाले से कहा गया है कि यदि किसी प्रक्रिया के परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर भारतीय नागरिक अपने ही देश में दोयम दर्जे के नागरिक बन जाएं और उनके पास मतदान का अधिकार न रहे, तो ऐसी प्रक्रिया पूरी तरह से मनमानी है।