By अनुराग गुप्ता | Jun 02, 2022
नयी दिल्ली। राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने-अपने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। दोनों पार्टियों के तमाम उम्मीदवारों ने नामांकन भी दाखिल कर दिया है। ऐसे में 10 जून को राज्यसभा चुनाव होने वाले हैं लेकिन इससे पहले विधायकों पर खरीद-फरोख्त का खतरा मंडरा रहे है। ऐसे में पार्टियां सतर्क हो गई हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने हरियाणा के विधायकों को छत्तीसगढ़ शिफ्ट करने का फैसला किया।
कार्तिकेय शर्मा ने बढ़ाई माकन की चिंता
कार्तिकेय शर्मा ने हरियाणा से बतौर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अपना नामांकन दाखिल किया है। ऐसे में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टी जजपा ने कार्तिकेय शर्मा को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। हरियाणा में किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए 31 वोटों की जरूरत है। भाजपा के पास 41 विधायक हैं और सहयोगी जजपा के पास 10 विधायक मौजूद हैं। जबकि कांग्रेस के पास 31 विधायक मौजूद हैं लेकिन डर इस बात का है कि अगर एक भी विधायक क्रॉस वोटिंग करने पाया तो राज्यसभा की कुर्सी सीधे कार्तिकेय शर्मा के पास चली जाएगी।
ऐसे में कांग्रेस आलाकमान ने हरियाणा के अपने सभी विधायकों को रायपुर भेजना का निर्णय लिया। पार्टी ने इन नेताओं के साथ दिल्ली में एक छोटी सी बैठक की। इसके बाद इन्हें तुरंत रायपुर ले जाया गया। जहां पर उन्हें एक रिसॉर्ट में ठहराने की व्यवस्था की गई है। कांग्रेस के लिए फिलहाल छत्तीसगढ़ सबसे सुरक्षित जगह मानी जा रही है क्योंकि वहां पर भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार है।