By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
नयी दिल्ली, तीन नवंबर कांग्रेस ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग की ओर से फॉर्म-6 को लेकर दी गई ताजा सफाई को शब्दों की बाजीगरी करार देते हुए कहा कि इससे कुछ भी स्पष्ट नहीं होता है। मुख्य विपक्षी दल ने यह दावा भी किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की खामियां किसी भी तरह की कवायद से दूर नहीं की जा सकतीं। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि निर्वाचन आयोग की हर सफाई से यह साबित हो रहा है कि एसआईआर प्रक्रिया को कितनी खराब तरीके से तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया ही मतदाताओं को सूची से बाहर करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। कांग्रेस नेता ने कहा कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने भी आयोग को पत्र लिखकर इस तरह फॉर्म-6 के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। उनका यह भी कहना है कि इस मुद्दे पर मामला लंबित है और बंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ ने आयोग के तर्क पर सवाल उठाए हैं।
रमेश ने कहा कि एसआईआर में पहले मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और फिर उन्हें नए मतदाता के रूप में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करने को कहा जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया को रोका जाना चाहिए। दरअसल, निर्वाचन आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पत्र लिखकर स्पष्ट किया है कि मसौदा मतदाता सूची में नाम नहीं होने पर पहले से पंजीकृत मतदाता भी फॉर्म-6 भरकर अपना नाम दोबारा शामिल कराने का अनुरोध कर सकते हैं।
आयोग के अनुसार, ऐसा आवेदन अपने आप में गलत घोषणा नहीं माना जाएगा और इसके आधार पर जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कार्रवाई नहीं होगी।