By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Nov 03, 2026
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय करते हुए कहा कि त्योहारों के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं होनी चाहिए तथा सामाजिक सौहार्द एवं सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यहां जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने मंगलवार शाम वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए प्रदेश की कानून-व्यवस्था और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की तथा अधिकारियों को पूरी सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘‘आगामी त्योहार उल्लास, उमंग, आस्था और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक हैं।
बयान में बताया गया कि अयोध्या में सात नवंबर को होने वाले दीपोत्सव की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अंतरजनपदीय और स्थानीय स्तर पर यातायात की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा वाहनों के मार्ग में बदलाव की योजना पहले से तैयार कर इसकी व्यापक जानकारी लोगों को देने के निर्देश दिए। प्रमुख मंदिरों और संवेदनशील धार्मिक स्थलों पर चौबीसों घंटे पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।
धनतेरस और दीपावली को देखते हुए मुख्य बाजारों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के आसपास पुलिस की निगरानी बढ़ाने, सघन पैदल गश्त करने तथा सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लेने और पुलिस की आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा (पीआरवी-112) को लगातार सक्रिय रखने को कहा। उन्होंने प्रतिमा स्थापना के कार्यक्रमों के लिए नियमों के अनुसार समय पर अनुमति देने के निर्देश दिए।
उन्होंने साथ ही कहा कि ऐसे आयोजनों की आड़ में जानबूझकर विवाद खड़ा करने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। पटाखों की बिक्री और आग से सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पटाखों की दुकानें और अस्थायी गोदाम घनी आबादी से दूर खुले और सुरक्षित स्थानों पर ही बनाए जाएं।
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त तथा जिलों के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।