Prajatantra: दिल्ली में दो फाड़ हुई कांग्रेस, कन्हैया को टिकट देने का विरोध, AAP भी बर्दाश्त नहीं

By अंकित सिंह | Apr 29, 2024

बड़ी उम्मीद के साथ राहुल गांधी और कांग्रेस आलाकमान ने उत्तर पूर्वी दिल्ली सीट से कन्हैया कुमार को उम्मीदवार बनाया था। हालांकि ऐसा लग रहा है कि कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी दिल्ली कांग्रेस के भीतर कलह की बड़ी वजह बन चुकी है। कन्हैया कुमार की उम्मीदवारी को लेकर दिल्ली कांग्रेस पूरी तरीके से दो हिस्सों में बढ़ चुकी है। मामला इतना बिगड़ गया कि दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने अपने पद से ही इस्तीफा दे दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने तो आम आदमी पार्टी के साथ कांग्रेस के गठबंधन को लेकर भी निराशा जताई। ऐसे में अब उत्तर पूर्वी दिल्ली में चुनाव से पहले ही कांग्रेस के लिए स्थितियां लगातार बिगड़ती जा रही है। पार्टी इसे समेटने की कोशिश जरूर कर रही है लेकिन यह बिखरता जा रहा है। 

कन्हैया की वजह से लवली का इस्तीफा

बताया जा रहा है कि अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे के पीछे भी कन्हैया कुमार एक बड़े फैक्टर है। साथ ही साथ दिल्ली कांग्रेस प्रभारी दीपक बाबरिया से भी उनकी बन नहीं रही थी। अमरिंदर सिंह लवली काफी नाखुश थे क्योंकि कांग्रेस ने दिल्ली में आप से गठबंधन किया था। बाबरिया दिल्ली के नेताओं को लगातार दरकिनार करने की कोशिश कर रहे थे। लवली का यह भी कहना है कि आलाकमान ने प्रदेश के नेताओं की नहीं सुनी है। उन्होंने कहा कि उनका इस्तीफा इस बात से दुखी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दर्द को जाहिर करता है कि ‘‘पिछले सात-आठ वर्ष के दौरान वे जिन आदर्शों के लिए लड़ रहे थे’’ उनसे समझौता किया जा रहा है। कन्हैया कुमार ने पूरे प्रकरण पर कहा, ‘‘मुझे नहीं पता। मुझे कोई जानकारी नहीं है। मुझे पार्टी से जानकारी एकत्र करने दीजिए और फिर आपको बताऊंगा।’’

दो फाड़ कांग्रेस

पार्टी से इस्तीफा देने वाले दिल्ली के पूर्व मंत्री राजकुमार चौहान ने कहा कि बाबरिया को दिल्ली के एआईसीसी प्रभारी पद से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दीपक बाबरिया को दिल्ली से हटाएं और कांग्रेस बचाएं। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने कहा कि लवली द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने उनके इस्तीफे को लेकर चर्चा की है। स्पष्ट रूप से, वह पिछले कुछ महीनों में हुई घटनाओं से दुखी हैं। उन्होंने जो मुद्दे उठाए हैं, उनका समाधान किए जाने की आवश्यकता है।’’ पार्टी नेता अभिषेक दत्त ने कहा कि उन्होंने पार्टी की व्यवस्था को अस्वीकार कर दिया। अपने पत्र में उन्होंने लिखा कि वह गठबंधन के खिलाफ हैं लेकिन फिर टिकट क्यों मांग रहे हैं? कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ मोहम्मद खान का कहना है, ''पार्टी में मतभेद हो सकते हैं...अगर लवली निराश थे, इस्तीफा देना चाहते थे तो चुपचाप मल्लिकार्जुन खड़गे को अपना इस्तीफा दे देते, पत्र में जिस तरह के कारणों का जिक्र है और फिर उन्होंने इस्तीफा दे दिया।

भाजपा का तंज

भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि लवली ने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनकर इस्तीफा देने का फैसला किया है। सचदेवा ने कहा, ‘‘कोई भी देशभक्त ऐसे व्यक्ति के साथ खड़ा नहीं होगा जो देश को बांटने की बात करेगा या देश के दुश्मनों के साथ खड़ा होगा। कांग्रेस ने जिस तरह से टिकट बांटे हैं उसे देखते हुए कई लोग बगावत का झंडा बुलंद कर रहे हैं।’’ बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह बिल्कुल साफ है कि जिस जहाज के कप्तान राहुल गांधी हैं, वह जहाज डूब रहा है। प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा और उनका आरोप कांग्रेस पर है, जो अरविंद केजरीवाल की तारीफ कर रही है, जिससे दिल्ली की जनता खुश नहीं बल्कि निराश है। बीजेपी नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी के पास कोई मिशन या विज़न नहीं है, यह केवल भ्रम, विभाजन और विरोधाभास में डूबी हुई है। हमने देखा है कि यह कैसे चल रहा है, खासकर दिल्ली में। जब कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे कि ऐसे लोगों को टिकट क्यों दिया गया जिनका दिल्ली से कोई लेना-देना नहीं है, जैसे कि कन्हैया कुमार, जिन्होंने सशस्त्र बलों को गाली दी और नक्सलियों को शहीद कहा। 

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आप का पक्ष

दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष पद से अरविंदर सिंह लवली के इस्तीफे पर आप नेता संजय सिंह ने कहा कि अरविंदर सिंह लवली ने आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन बनाने में अहम भूमिका निभाई है। जब सीएम (अरविंद केजरीवाल) को गिरफ्तार किया जा रहा था, तब अरविंदर सिंह लवली कांग्रेस की ओर से सबसे पहले पहुंचने वाले थे। लेकिन वह ऐसा क्यों कह रहे हैं, बताएं। आप नेता और दिल्ली के मंत्री सौरभ भारद्वाज कहते हैं, ''कांग्रेस हमारी गठबंधन सहयोगी है और यह पार्टी का आंतरिक मामला है, इसलिए मेरा मानना ​​है कि बेहतर होगा कि वे (कांग्रेस) इस बारे में बोलें।''

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