By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 18, 2022
नयी दिल्ली। कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने राज्य में पार्टी के एकजुट होने का दावा करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि अगले साल होने वाला विधानसभा चुनाव अकेले और सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा तथा कांग्रेस 224 सदस्यीय विधानसभा में 135 से अधिक सीटें हासिल करेगी। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की बहुत ज्यादा परवाह नहीं है कि मुख्यमंत्री कौन होगा क्योंकि उनकी जिम्मेदारी कर्नाटक की भलाई के लिए कांग्रेस को जीत दिलाने की है। पिछले कुछ महीनों के दौरान कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया और शिवकुमार के बीच मतभेद की खबरें आई हैं। दोनों कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार माने जाते हैं। राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है और कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में है। प्रदेश में अगले साल के मध्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। शिवकुमार ने दावा किया कि कर्नाटक की भारतीय जनता पार्टी की सरकार हर मोर्चे पर पूरी तरह से विफल रही है और उसे पता है कि वह चुनाव नहीं जीत रही है, इसलिए वह ध्रुवीकरण का सहारा ले रही है। विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में पूछे जाने पर शिवकुमार ने कहा, जिस दिन से मैंने प्रदेश अध्यक्ष पद की कमान संभाली, उसी दिन से मैं विधानसभा चुनाव को लक्ष्य बनाये हुए हूं। मैं यह पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि कर्नाटक में डबल इंजन की सरकार कोई योगदान नहीं दे रही है। लोग भी महसूस करते हैं कि कर्नाटक में कोई शासन नहीं है और यह ‘देश में भ्रष्टाचार की राजधानी’ बन गया है।
उन्होंने दावा किया, कर्नाटक सरकार में 40 प्रतिशत कमीशन का बोलबाला है। कोविड के समय भ्रष्टाचार हुआ, रोजगार में भ्रष्टाचार है। राज्य में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है। इसलिए लोग महसूस करते हैं कि राज्य में नयी सरकार होनी चाहिए। शिवकुमार के अनुसार, आगामी चुनाव में भ्रष्टाचार सबसे बड़ा मुद्दा होगा। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी और 224 सदस्यीय विधानसभा में 135 से अधिक सीटें हासिल करेगी। बसवराज बोम्मई सरकार के कुछ मंत्रियों की ओर से अपनी ही सरकार पर सवाल खड़ा करने संबंधी कथित बयानों पर उन्होंने कहा, ‘‘सच्चाई बाहर आ चुकी है। आप सच को नहीं छिपा सकते।’’ हाल ही में निकाले गए कांग्रेस के ‘फ्रीडम मार्च’ में उमड़ी भीड़ से उत्साहित शिवकुमार ने कहा, ‘‘यह एक गैर राजनीतिक यात्रा थी। हमने सबसे इसमें शामिल होने का आग्रह किया था। मैं बहुत खुश हूं कि इस मार्च में शामिल लोगों में 70 प्रतिशत से अधिक लोग युवा थे। इस यात्रा में 2.5 लाख से अधिक लोग शामिल हुए।’’ कर्नाटक में वी डी सावरकर की तस्वीर से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा के लोग ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहे हैं। सावरकर कहीं भी मुद्दा नहीं हैं। भाजपा के लोग स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को नहीं बदल सके और देश के लिए गांधी परिवार के योगदान से जुड़े इतिहास को भी वे नहीं बदल सकते।