गुजरात में न्याय यात्रा निकालेगी कांग्रेस, मोरबी पुल और राजकोट गेमिंग जोन हादसे के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग

By अंकित सिंह | Aug 02, 2024

गुजरात में कांग्रेस पार्टी ने हाल के दिनों में राज्य में हुई त्रासदियों के पीड़ितों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से 'न्याय यात्रा' निकालने की घोषणा की है, जिसमें कई मौतें और घायल हुई हैं। यह 'न्याय यात्रा' 9 अगस्त से शुरू की जाएगी, जिस दिन 1942 में ब्रिटिश अन्याय के खिलाफ भारत छोड़ो आंदोलन शुरू हुआ था। राजकोट गेम जोन अग्निकांड, वडोदरा में हरनी झील नाव त्रासदी, मोरबी पुल घटना, सूरत में तक्षशिला कोचिंग संस्थान में आग और ऊना दलित घटना के पीड़ितों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस द्वारा 'न्याय यात्रा' का आयोजन किया गया है। न्याय की यात्रा मोरबी से शुरू होगी। 

गौरतलब है कि अक्टूबर 2022 में मोरबी में एक हैंगिंग ब्रिज ढह गया था जिसमें 140 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। इसी साल मई में राजकोट में गेम जोन में अचानक आग लग गई थी जिसमें 27 लोगों की मौत हो गई थी। इससे पहले, मई 2019 में सूरत में तक्षशिला आर्केड में आग लगने से कम से कम 27 युवाओं की मौत हो गई थी। इन घटनाओं ने संगठनात्मक उदासीनता और सत्तारूढ़ दल के राजनेताओं और भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों की अपवित्र सांठगांठ को सामने ला दिया।

इसे भी पढ़ें: विपक्ष पर बरसे Shivraj Singh Chauhan, कहा- किसान विरोधी है कांग्रेस का DNA, गलत रही उसकी प्राथमिकताएं

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जहां पीड़ित परिवार न्याय का इंतजार कर रहे हैं, वहीं इन दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोग जमानत पर जेल के बाहर आराम से रह रहे हैं, जबकि इसमें शामिल कई लोगों को अभी तक सजा भी नहीं दी गई है। गुजरात में बीजेपी 1995 यानी करीब 30 साल तक सत्ता में रही, जिससे इतने सालों तक राज्य में कांग्रेस की संभावनाएं लगभग खत्म हो गईं। लेकिन अब धीरे-धीरे लोगों के बेहतर जुड़ाव के साथ कांग्रेस ने प्रासंगिकता हासिल करना शुरू कर दिया है। लोगों के मुद्दों को उठाना, उन्हें न्याय दिलाने के लिए लड़ना उसी कहानी का हिस्सा है जिसे कांग्रेस लोगों की राय को प्रभावित करने के लिए आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।

प्रमुख खबरें

DUSU Election में फर्जी वोटिंग का आरोप, NSUI प्रत्याशी कोर्ट का रुख करेंगे

Stubble Burning पर Bhagwant Mann बोले किसानों पर FIR नहीं, मिले नकद प्रोत्साहन

BSEB 29 जिलों में ₹330.07 करोड़ की लागत से बनाएगा हाईटेक परीक्षा भवन-सह-वज्रगृह

20 September History: 1857 में अंतिम मुगल बादशाह Bahadur Shah Zafar ने किया था आत्मसमर्पण