Prabhasakshi NewsRoom : प्रियंका की हिरासत पर कांग्रेसियों का बवाल, गाड़ियों में हॉर्न की जगह बजेंगी भारतीय वाद्ययंत्रों की धुनें

By नीरज कुमार दुबे | Oct 05, 2021

लखीमपुर खीरी के तिकोनिया क्षेत्र में हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत के बाद वहां जाने के दौरान रास्ते में हिरासत में लीं गईं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा 28 घंटे बाद भी पुलिस अभिरक्षा में हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर जहां आंदोलनरत है वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक ट्वीट में आज कहा, ''नरेंद्र मोदी जी आपकी सरकार ने बग़ैर किसी आदेश और मुकदमे के मुझे पिछले 28 घंटे से हिरासत में रखा है।" उन्होंने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी संलग्न किया है जिसमें एक गाड़ी किसानों को रौंदती हुई जाती दिखाई दे रही है।

इस बीच, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने बताया कि द्वितीय वाहिनी पीएसी परिसर के बाहर इस वक्त बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेता मौजूद हैं और हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को छोड़ने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में प्रियंका वाड्रा की ग़ैर क़ानूनी हिरासत को लेकर बेहद आक्रोश है। कांग्रेस कार्यकर्ता रात भर पीएसी परिसर के बाहर ही जमे रहे और प्रियंका वाड्रा को रिहा किये जाने की मांग को लेकर नारेबाजी की।

भाजपा ने किया पलटवार

अब प्रियंका वाड्रा भले भाजपा पर निशाना साध रही हों लेकिन भाजपा ने भी पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता पर आरोप लगा दिया है कि कांग्रेस शासित राज्यों में किसानों पर हो रहे अत्याचार से वह आंखें मूंदे हुए हैं लेकिन दूसरे राज्यों में अराजकता फैलाने पहुँच जा रही हैं। दूसरी ओर, एआईएमआईएम प्रमुख असद्दुदीन ओवैसी भी आज लखनऊ पहुँचे हैं और उन्होंने सीधा-सीधा आरोप लगाया है कि लखीमपुर खीरी की हिंसा सोची समझी साजिश थी। उन्होंने कहा कि इस मामले की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए

सोशल मीडिया यूजरों की परेशानी दूर

उधर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सएप की सेवाएं कई घंटे तक बंद रहने के बाद आखिरकार बहाल हो गयी हैं। यह सेवाएं बंद रहने के दौरान विश्वभर में लाखों लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। इन तीनों सोशल मीडिया मंच के उपयोगकर्ता काफी समय तक परेशान रहे, क्योंकि उन्हें बार-बार ‘एरर’ (त्रुटि) के संदेश आ रहे थे। इसके परिणामस्वरूप सिलिकॉन वैली स्थित फर्म फेसबुक के शेयरों में लगभग पांच प्रतिशत की गिरावट भी आई। फेसबुक ने ट्विटर पर कहा, ''दुनिया भर के लोगों और व्यवसायों के विशाल समुदाय जो हम पर निर्भर हैं.. उनके लिए हमें खेद है। हम अपनी ऐप और सेवाओं तक पहुंच बहाल करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रहे हैं और यह जानकारी देकर खुशी हो रही है कि वे अब ऑनलाइन वापस आ रही हैं। संयम रखने के लिए आप सभी का शुक्रिया।’’ फोटो साझा करने की ऐप ‘इंस्टाग्राम’ और संदेशों का आदान-प्रदान करने का मंच ‘व्हाट्सएप’ भी फेसबुक का है। व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम ने भी अपने उपयोगकर्ताओं को सेवाएं बंद होने की जानकारी ट्विटर पर ही दी थी। ‘द वॉल स्ट्रीट’ पत्रिका के अनुसार, सेवाएं बंद होने के कारण फेसबुक के आंतरिक संचार उपकरणों में भी व्यापक व्यवधान पैदा हुआ, जिसमें कुछ ‘वॉयस कॉल’ और ‘कैलेंडर अपॉइंटमेंट’ तथा अन्य कार्यों के लिए उपयोग किए जाने वाली ऐप शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: लखीमपुर हिंसा: योगी के एक्शन से ठंडा पड़ा विपक्ष का दांव, 24 घंटे के भीतर निकला सुलह का रास्ता

हॉर्न की जगह बजेंगे भारतीय वाद्ययंत्र

दूसरी ओर, नित नये प्रयोग करने वाले केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि वह एक ऐसा कानून लाने की योजना बना रहे हैं, जिसके तहत वाहनों के हॉर्न के रूप में केवल भारतीय वाद्ययंत्रों की आवाज का इस्तेमाल किया जाए। एक राजमार्ग के उद्घाटन समारोह में उन्होंने कहा कि वह एम्बुलेंस और पुलिस की गाड़ियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सायरन का भी अध्ययन कर रहे हैं और उन्हें आकाशवाणी पर बजाए जाने वाली अधिक कर्णप्रिय धुन में बदलने पर विचार कर रहे हैं। गडकरी ने कहा कि उन्होंने लाल बत्ती खत्म कर दी है। “अब मैं इन सायरन को भी खत्म करना चाहता हूं। अब मैं एम्बुलेंस और पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले सायरन का अध्ययन कर रहा हूं।” उन्होंने कहा, “एक कलाकार ने आकाशवाणी के लिए एक धुन बनाया और इसे सुबह-सुबह बजाया गया। मैं उस धुन को एंबुलेंस के लिए इस्तेमाल करने की सोच रहा हूं ताकि लोगों को अच्छा लगे। खासकर मंत्रियों के गुजरते समय सायरन का इस्तेमाल जोरदार आवाज में किया जाता है जो बहुत परेशान करने वाला होता है। इससे कानों को भी नुकसान पहुंचता है।” गडकरी ने कहा, “मैं इसका अध्ययन कर रहा हूं और जल्द ही एक कानून बनाने की योजना बना रहा हूं” कि सभी वाहनों के हॉर्न से भारतीय संगीत वाद्ययंत्रों की आवाज़ आए, ताकि उन्हें सुनना कर्णप्रिय रहे।

आई-ड्रोन की शुरुआत

उधर, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने ड्रोन के जरिये पूर्वोत्तर के दुर्गम इलाकों में कोविड-19 टीके की आपूर्ति सुविधा की शुरूआत की है। आईसीएमआर का ड्रोन रिस्पांस एंड आउटरीच इन नॉर्थईस्ट (आई-ड्रोन), यह सुनिश्चित करने के लिए एक आपूर्ति मॉडल है कि जीवन रक्षक कोविड टीके सभी तक पहुंचें। यह स्वास्थ्य में 'अंत्योदय' के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है जिसका मकसद देश के अंतिम छोर के व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है। स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह पहली बार है कि दक्षिण एशिया में ‘मेक इन इंडिया’ ड्रोन का उपयोग कोविड-19 टीके को 15 किलोमीटर की हवाई दूरी पर स्थित जगह पर 12-15 मिनट में पहुंचाने के लिए किया गया।'' 

प्रमुख खबरें

Beauty Tips: बेसन के ये ब्यूटी सीक्रेट्स आपकी स्किनकेयर रूटीन बदल देंगे

Iran vs US: कुवैत में अमेरिकी Airbase पर बड़ा Drone Attack, ईरान ने लिया Qeshm Island का बदला

Sun Pharma बना देश का Pharma Leader, India Business में 16% की बढ़त के साथ दर्ज किया तगड़ा Net Profit

Health tTps: भूलने की आदत को हल्के में न लें, वजह हो सकती है B12 की कमी