By अनन्या मिश्रा | Sep 08, 2026
जब भी इम्युनिटी की बात की जाती है, तो ज्यादातर लोगों का ध्यान विटामिंस, एक्सरसाइज और खानपान पर जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शरीर की संक्रमण से लड़ने की क्षमता के लिए अच्छी, गहरी और पर्याप्त नींद भी उतनी जरूरी है। आज के समय में काम की वजह से कम नींद लेना, देर रात तक मोबाइल चलाना या रोजाना अलग-अलग समय पर सोना आम हो गया है। अक्सर कम नींद लेने का असर अगले दिन थकान तक ही सीमित माना जाता है।
कभी-कभी एक रात कम सोने से घबराना नहीं चाहिए। लेकिन असली समस्या तब शुरू होती है, जब रोजाना खराब नींद की आदत बन जाए। या फिर किसी वजह से आपकी नींद अक्सर ही पूरी नहीं हो पाती है। लगातार नींद पूरी न होने पर शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि पर्याप्त नींद इम्युनिटी की देखभाल जरूरी हिस्सा है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो पर्याप्त नींद न लेने वाले लोगों में सर्दी-जुकाम जैसे संक्रमण होने का खतरा ज्यादा हो सकता है।
वहीं कुछ अध्ययनों में खराब गुणवत्ता वाली नींद को संक्रमण के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ाने वाला भी है।
देर रात तक जागने की आदत का असर सिर्फ सुबह की सुस्ती तक सीमित नहीं होता है। बल्कि इसका असर आपके शरीर की सक्रमण से लड़ने की क्षमता पर भी पड़ सकता है।
बच्चों और किशोरों तो इससे ज्यादा नींद की जरूरत होती है। लेकिन अगर 8 घंटे बिस्तर पर रहने के बाद भी बार-बार नींद टूटती रहती है या सुबह उठने पर थकान महसूस होती है, तो उनको एक्सपर्ट की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
सीडीसी के मुताबिक अगर 7 घंटे से कम की नींद लेने वाले वयस्कों में कई सेहत संबंधी समस्याएं ज्यादा देखी जाती है।
नींद की कमी का संबंध हृदय रोग, हाई बीपी, मोटापा और डायबिटीज जैसी स्थितियों से भी पाया गया है।
वहीं कम नींद लेने से याददाश्त, ध्यान और सोचने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसलिए नींद को सिर्फ आराम का समय नहीं मानना चाहिए। यह शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी है।