CBI और आम सहमति: देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले 78% मामले विपक्ष शासित राज्यों से अनुमति मिलने का कर रहे इंतजार

By अभिनय आकाश | Nov 09, 2021

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन यानी सीबीआई देशभर में होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों और भ्रष्टाचार की भारत सरकार की तरफ से जांच करती है। लेकिन देश की सबसे ताकतवर जांच एजेंसी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की लाचारी का आलम ये है कि पिछले तीन सालों से राज्य सरकार की सहमति के अनुरोध की वजह से 78 फीसदी मामलों को साल्व करना तो दूर की बात है उसकी जांच भी शुरू नहीं की जा सकी है। 

अगर कोई राज्य सरकार किसी आपराधिक मामले की जांच का सीबीआई से आग्रह करती है तो सीबीआई को पहले केंद्र सरकार की मंजूरी लेनी पड़ती है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT)द्वारा एक अधिसूचना जारी किया जाता है। जिसके बाद सीबीआई द्वारा तफ्तीश शुरू की जाती है। वहीं भारत का सुप्रीम कोर्ट या राज्यों के हाई कोर्ट भी मामले की जांच का सीबीआई को आदेश दे सकते हैं। देश के 8 राज्य सीबीआई (CBI) जांच को लेकर अपनी सहमति वापस ली है और एतराज जताया है कि उन राज्यों में केंद्र की एजेंसी बिना किसी अनुमति के कोई जांच नहीं कर सकती है। महाराष्ट्र, केरल, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, पंजाब, मिजोरम और राजस्थान जैसे 8 राज्यों ने सीबीआई जांच की सहमति का विरोध किया।

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सीबीआई ने 8 राज्यों को 150 से अधिक अनुरोध भेजे 

जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के 2018 के आदेश के खिलाफ सीबीआई की अपील 542 दिनों की देरी के बाद दायर की गई थी। पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि हलफनामे में बताई गई बाधाओं में से एक यह है कि सीबीआई ने महाराष्ट्र, पंजाब, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल और मिजोरम की सरकारों को 150 से अधिक अनुरोध भेजे हैं। ये अनुरोध उन राज्यों में मामलों की जांच के लिए विशिष्ट सहमति प्रदान करने के लिए 2018 से जून 2021 के दौरान किए गए। पीठ ने कहा कि हलफनामे के अनुसार, इन आठ राज्यों ने डीएसपीई कानून की धारा छह के तहत दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान (सीबीआई) को पहले दी गई सामान्य सहमति को वापस ले लिया है। 

आम सहमति क्या है?

सीबीआई दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 द्वारा शासित होती है। इन राज्यों ने दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम 1946 की धारा 6 के अंतर्गत सीबीआई को पूर्व में दी गई सामान्य सहमति को वापस ले लिया। वहीं राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए को जांच का अधिकार एनआईए एक्ट के तहत मिला है जिसका अधिकार क्षेत्र देशभर में होता है।  

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देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले बड़े मामलों से संबंधित  

सीबीआई की तरफ से राज्यों को जांच के लिए भेजे गए अनुरोध आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति के मामलों, धोखाधड़ी के आरोपों से संबंधित मामलों, हेराफेरी और बैंक धोखाधड़ी के मामलों की जांच से संबंधित हैं। लेकिन 78 प्रतिशत मामलों में अनुरोध लंबित हैं जो मुख्य रूप से देश की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करने वाले बैंक धोखाधड़ी के बड़े मामलों से संबंधित हैं।  

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