By अंकित सिंह | Jul 05, 2025
कांग्रेस ने शनिवार को भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) द्वारा मतदाता सूची के चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि यह अभियान बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मदद करने के लिए एक जानबूझकर की गई साजिश है। पार्टी ने इस प्रक्रिया के तहत आवश्यक दस्तावेजीकरण प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया तथा तर्क दिया कि इतने व्यापक सत्यापन कार्य को पूरा करने के लिए दी गई 25 दिनों की समय-सीमा अवास्तविक है।
इस अभियान में 25 जुलाई तक लगभग 79 मिलियन मतदाताओं से गणना फॉर्म एकत्र करना शामिल है। मसौदा मतदाता सूची 1 अगस्त को और अंतिम सूची 30 सितंबर को जांच के बाद प्रकाशित की जाएगी। कांग्रेस सांसद ने बिहार में बढ़ते अपराध की भी आलोचना की और दावा किया कि जब भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन करते हैं, तो ऐसी घटनाएं बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा, "एक समय था जब पूरा बिहार शांति, सद्भाव, ज्ञान और तप की भूमि के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज यहां गुंडों की गोलियां आग उगल रही हैं। एक तरफ एडीजी लॉ एंड ऑर्डर कहते हैं कि पुलिस पर बढ़ते हमले चिंता का विषय हैं। वहीं दूसरी तरफ पटना में तेजस्वी यादव जी के आवास के पास अपराधियों ने गोलियां चलाईं, जो अभी भी फरार हैं।"