By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 13, 2020
कोलंबो। श्रीलंका की सरकार द्वारा प्रस्तावित 20वें संविधान संशोधन को संसद के आदेश पत्र में शामिल किए जाने से पहले सत्तारूढ़ दल एसएलपीपी के संसदीय समूह के एक धड़े से ही विरोध का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी के सदस्यों ने रविवार को यह बात कही। सरकार ने दो सितंबर को 20वें संविधान संशोधन मसौदे की गजट अधिसूचना जारी की थी। यह नया प्रस्तावित संशोधन वर्ष 2015 में लाए गए 19वें संशोधन की जगह लेगा जिससे राष्ट्रपति की शक्तियों में कटौती की गई थी तथा संसद को और शक्तियां प्रदान की गई थीं।