By नीरज कुमार दुबे | Mar 07, 2025
उत्तर प्रदेश के संभल में होली के दौरान किसी प्रकार की अशांति नहीं हो इसके लिए पुलिस अभी से सतर्कता बरते हुए है। दरअसल होली का त्यौहार 14 मार्च को है और इसी दिन जुमा की नमाज भी होगी। इसलिए पिछले कुछ प्रकरणों पर गौर करते हुए पुलिस ने संभल में खासतौर पर मुसलमानों को यह सुझाव दिया है कि अगर किसी मुस्लिम को लगता है कि होली के रंगों से खेलना उनकी आस्था को प्रभावित करता है, तो उन्हें उस दिन घर के अंदर रहना चाहिए। हम आपको बता दें कि संभल कोतवाली पुलिस थाने में बृहस्पतिवार को हुई शांति समिति की बैठक में पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अनुज चौधरी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि होली के रंग से उसका धर्म भ्रष्ट होता है तो वह उस दिन घर से ना निकले। अनुज चौधरी ने बैठक में दोनों समुदायों के लोगों से एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करने का आग्रह किया। अनुज चौधरी ने शांति समिति की बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, “जिस प्रकार से मुस्लिम बेसब्री से ईद का इंतजार करते हैं, ठीक उसी तरह हिंदू होली की प्रतीक्षा करते हैं।” हम आपको यह भी याद दिला दें कि अनुज चौधरी 24 नवंबर को शाही मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान से ही सुर्खियों में हैं। उन्हें भगवान हनुमान की गदा लेकर अपनी वर्दी में एक धार्मिक जुलूस में भी देखा गया था। उस प्रकरण की जांच भी हुई थी।
बहरहाल, जो लोग संभल के सीओ अनुज चौधरी के सुझाव पर विवाद खड़ा कर रहे हैं वह शायद यह बात भूल गये हैं कि अखिलेश राज में जुमे के दिन होली पड़ने पर हिंदुओं को होली खेलने में तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ता था। साल 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान जब चुनाव संबंधी कवरेज के लिए प्रभासाक्षी की टीम कैराना में थी तो एक स्थानीय युवक ने जो कुछ बताया था उसे सभी को सुनना चाहिए और तब फैसला करना चाहिए कि अनुज चौधरी ने जो सुझाव दिया है उसका स्वागत करना चाहिए या आलोचना।