By रेनू तिवारी | Sep 04, 2026
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी के बहुचर्चित संस्मरण (Memoir) 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) के प्रकाशन को लेकर बना सस्पेंस आखिरकार खत्म हो गया है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) द्वारा हाथ खींचने के बाद अब इस किताब को हार्पर कॉलिन्स इंडिया (HarperCollins India) प्रकाशित करेगा। यह किताब 10 नवंबर को पाठकों के सामने आएगी। हार्पर कॉलिन्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसे हमारे दौर की सबसे उत्सुकता से प्रतीक्षित राजनीतिक यादों में से एक करार दिया है। प्रकाशक के अनुसार, यह किताब प्यार, पहचान, कर्तव्य और अपनेपन की एक निजी और संवेदनशील कहानी है, जो भारत के राजनीतिक व सामाजिक सफर को अंदरूनी दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है। यह भारत की यात्रा को अंदर से देखने का एक अनोखा नज़रिया देती है।"
PRHI के बयान में कहा गया, "एक पब्लिशर के तौर पर, तथ्यों की जांच करना और लेखकों को ऐसी सलाह देना हमारा अधिकार और ज़िम्मेदारी है जो उनकी किताबों के लिए सबसे अच्छी हों। यह पब्लिशिंग प्रोसेस का एक सामान्य हिस्सा है। बातचीत के दौरान, पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया का रुख़ यही था कि हम किताब को पब्लिश करने के लिए तैयार और इच्छुक थे।"
कांग्रेस नेताओं ने PRHI की आलोचना की; PRHI ने सफ़ाई दी
हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने PRHI की आलोचना की और आरोप लगाया कि पब्लिशर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार का दबाव था। उन्होंने PRHI की सफ़ाई की भी आलोचना की और दावा किया कि पब्लिशर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर किताबें पब्लिश करने में तो खुश है, लेकिन कांग्रेस पर किताब पब्लिश करने में उन्हें दिक्कत है।
मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने X पर हिंदी में कहा, "क्या पब्लिशर तय करेगा कि श्रीमती गांधी जैसी सीनियर नेता क्या लिखेंगी और क्या नहीं? सवाल यह भी उठता है कि क्या पब्लिशर यह बात खुद कह रहा है या उस पर किसी का दबाव है?"
लेकिन बाद में, PRHI ने बाहरी दबाव की बात से इनकार किया क्योंकि किताब अभी "एम्बार्गो" (पब्लिश होने से पहले रोक) के तहत है और इसका कंटेंट "कॉन्फिडेंशियल" (गोपनीय) है। उन्होंने कहा कि लेखक ने कुछ बदलाव स्वीकार किए, जबकि पब्लिशर ने बाकी मामलों में उनके रुख़ को मान लिया। PRHI की प्रवक्ता पल्लवी नारायण ने इस हफ़्ते की शुरुआत में समाचार एजेंसी PTI को बताया, "हमें लगता है कि आने वाली यादों की किताब 'बिलॉन्गिंग' (Belonging) के बारे में कुछ गलत बातों को सही करना ज़रूरी है। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया में हम इस किताब को प्रकाशित करने के लिए बहुत उत्सुक थे, क्योंकि इसे हासिल करना काफी मुश्किल काम था।"
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