कोरोना वायरस का उद्योग जगत पर असर, बंद हुआ दुनिया का सबसे बड़ा कार कारखाना

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 07, 2020

सियोल। कोरोना वायरस के संक्रमण से उद्योग जगत भी प्रभावित होने लगा है। दुनिया में सर्वाधिक उत्पादन क्षमता वाला कार कारखाना शुक्रवार को अस्थायी तौर पर बंद हो गया। दक्षिण कोरिया की वाहन कंपनी हुंदै ने अपने विशाल उलसान संयंत्र का परिचालन रोक दिया है। चीन में कोरोनावायरस के संक्रमण से औद्योगिक उत्पादन पर असर पड़ने के कारण वाहनों के कल-पुर्जों की कमी होने लगी है। इस संयंत्र की क्षमता सालाना 14 लाख वाहन बनाने की है। यह संयंत्र समुद्री तट पर स्थित है। इससे यह आसानी से कल-पुर्जों का आयात और तैयार वाहनों का निर्यात कर पाता है।

इसे भी पढ़ें: जानिए चीन के अलावा और किन शहरों में कोरोना वायरस ने मचाया अपना तांडव

उलसान संयंत्र में काम करने वाले पार्क ने कहा, ‘‘यह शर्मिंदगी की बात है कि मैं काम पर नहीं आ सकता और वेतन में कटौती भी स्वीकार करनी होगी। यह बेहद असहज करने वाली बात है।’’विश्लेषकों का मानना है कि यह कोरोनावायरस के कारण चीन से बाहर कारखानों के बंद होने का पहला उदाहरण है। विश्लेषकों के अनुसार, हुंदै पर इसका गंभीर असर होने वाला है। कंपनी को पांच दिन संयंत्र बंद रखने से अनुमानित तौर पर कम-से-कम 600 अरब वॉन यानी 50 करोड़ डॉलर का नुकसान होगा।

हुंदै की अनुषंगी किआ मोटर्स ने सोमवार को तीन संयंत्रों को बंद रखने का निर्णय लिया है। इसके अलावा रेनॉ की दक्षिण कोरियाई अनुषंगी बुसान संयंत्र को अगले सप्ताह बंद रखने जा रही है। फिएट क्राइशलर ने भी कहा है कि उसे अपने एक यूरोपीय कारखाने का परिचालन फिलहाल बंद करने पर बाध्य होना पड़ सकता है। दक्षिण कोरिया की इन्हा यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर चिओंग इन-क्यो ने कहा, ‘‘सबसे बड़ी समस्या यह है कि चीन में इस संक्रमण को कैसे काबू किया जाएगा, हमें नहीं पता। दक्षिण कोरिया की कंपनियां कल-पुर्जों के लिये चीन पर वृहद स्तर पर निर्भर हैं। समस्या है कि यदि एक भी पुर्जे की कमी हुई तो आप परिचालन जारी नहीं रख सकते हैं।’’

उन्होंने सचेत किया, ‘‘यह महज शुरुआत है। यह संकट वाहन क्षेत्र के अलावा अन्य क्षेत्रों में भी फैलेगा।’’

इसे भी पढ़ें: मास्क पहनने से भी नहीं हो सकेगा कोरोना वायरस से बचाव?

मूडीज एनालिटिक्स के मुख्य अर्थशास्त्री मार्क जांडी ने कहा, ‘‘चीन वैश्विक विनिर्माण आपूर्ति श्रृंखला का अभिन्न हिस्सा बन चुका है और उसकी वैश्विक विनिर्माण में करीब 20 प्रतिशत की हिस्सेदारी है। चीन में कारखाने बंद होने से सबसे पहले उसके पड़ोसी देश ताईवान और वियतनाम तथा उसके बाद मलेशिया और दक्षिण कोरिया प्रभावित होंगे।’’आपूर्ति श्रृंखला की कड़ियां लंबी होने के कारण अमेरिका व विश्व के अन्य हिस्सों में इसका असर दिखने में कुछ समय लग सकता है।

प्रमुख खबरें

Women Reservation पर जल्दबाजी क्यों? Kharge का Kiren Rijiju को पत्र, चुनाव बाद हो All-Party Meeting

एशियाई खेलों में पदक जीतने के ‘अधूरे काम’ को पूरा करना चाहती हैं मीराबाई चानू

IRGC Navy Commander Alireza Tangsiri भी मारे गये, Iran का गुस्सा आसमान पर, Middle East में आग भड़की

IPL 2026: हो गया कन्फर्म!CSK के लिए ये जोड़ी करेगी ओपनिंग? कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ ने खत्म किया सस्पेंस