By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 29, 2026
कंपनियों की तरफ से विदेशी वाणिज्यिक उधारी (ईसीबी) के लिए दाखिल आवेदनों की कुल राशि अगस्त में मासिक आधार पर 5.6 प्रतिशत बढ़कर 8.13 अरब डॉलर हो गई। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के आंकड़ों से यह जानकारी मिली। जुलाई में कंपनियों ने कुल 7.69 अरब डॉलर की विदेशी वाणिज्यिक उधारी लेने के लिए आवेदन किए थे।
पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन ने सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए चार साल नौ महीने की अवधि के लिए 77.5 करोड़ डॉलर की उधारी का आवेदन दाखिल किया। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, आरईसी ने सामान्य कारोबारी जरूरतों के लिए और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने मौजूदा इकाइयों के विस्तार या आधुनिकीकरण के लिए 50-50 करोड़ डॉलर की उधारी के इरादे दाखिल किए। ईसीबी के तहत पात्र भारतीय इकाइयां मान्यता-प्राप्त विदेशी संस्थाओं से वाणिज्यिक ऋण लेती हैं।
आरबीआई ने विदेशी पूंजी का प्रवाह बढ़ाने और देश की बाह्य स्थिति मजबूत करने के लिए जून की मौद्रिक नीति समिति की बैठक में विशेष एफसीएनआर(बी) सुविधा शुरू की थी। इसमें मुद्रा जोखिम से बचाव की लागत को भी शामिल किया गया था। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, केंद्रीय बैंक के विशेष विदेशी मुद्रा उपायों से 31 अगस्त तक कुल 136.38 अरब डॉलर जुटाए गए।
इसमें एफसीएनआर(बी) जमा के जरिये 127.23 अरब डॉलर, विदेशी मुद्रा में परिवर्तनीय बॉन्ड (ओएफसीबी) के जरिये 5.26 अरब डॉलर और विदेशी वाणिज्यिक उधारी के जरिये 3.89 अरब डॉलर जुटाए गए। मजबूत प्रतिक्रिया के कारण एफसीएनआर(बी) सुविधा 31 अगस्त को निर्धारित समय से एक महीने पहले बंद कर दी गई थी। हालांकि, ईसीबी और ओएफसीबी सुविधा 31 दिसंबर तक खुली है।
इन माध्यमों से पूंजी का प्रवाह बढ़ने की उम्मीद है।