By अनन्या मिश्रा | Jun 09, 2026
भारत की पहली महिला IPS अधिकारी किरण बेदी आज यानी की 09 जून को अपना 77वां जन्मदिन मना रही हैं। किरण बेदी किसी परिचय की मोहताज नहीं हैं। किरण बेदी से पहले पुलिस प्रशासनिक सेवा में किसी महिला की सहभागिता नहीं थी। वर्तमान समय में देश के करोड़ों युवाओं के लिए किरण बेदी का जीवन एक प्रेरणादायक माना जाता है। तो आइए जानते हैं भारतीय पुलिस बल गौरव और भारत की पहली सर्वोच्च रैंक वाली महिला आईपीएस अधिकारी किरण बेदी के जन्मदिन के मौके पर कुछ रोचक बातों के बारे में...
शुरूआती पढ़ाई पूरी करने के बाद किरण बेदी ने साल 1968 में अमृतसर के गवर्नमेंट कॉलेज फॉर विमेन से इंग्लिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री ली। इसी साल उनको NCC कैडेट ऑफिसर अवॉर्ड मिला था। साल 1970 में किरण बेदी ने चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी से पॉलिटिकल साइंस में मास्टर डिग्री प्राप्त की। साल 1970 से 1972 तक उन्होंने अमृतसर के खालसा कॉलेज फॉर विमेन में लेक्चरर के रूप में काम किया।
किरण बेदी के टेनिस खेलने का शौक था। अमृतसर में पढ़ाई के दौरान किरण बेदी ने टेनिस खेलना शुरू किया था। इस दौरान वह एशियन चैंपियन भी बन गई थीं। किरण बेदी के पति भी टेनिस प्लेयर थे।
साल 1972 में किरण बेदी ने जुलाई में आईपीएस की ट्रेनिंग ली और उनकी पोस्टिंग दिल्ली में हुई। वहीं 1972 में उन्होंने मसूरी में राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में पुलिस प्रशिक्षण शुरू किया और वह पहली महिला आईपीएस अधिकारी बनीं। साल 1975 में किरण बेदी को दिल्ली के चाणक्यपुरी में पोस्टिंग मिली। वहीं साल 1975 में किरण बेदी को गणतंत्र दिवस परेड में दिल्ली पुलिस के सभी पुरुष दल का नेतृत्व किया।
अपने 35 सालों के सर्विस के दौरान किरण बेदी ने कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया और कई अधिकारियों के छक्के छुड़ाए। उनको अभूतपूर्व सेवाओं के लिए साल 1979 में राष्ट्रपति के Gallantry Award और वुमन ऑफ द इयर के सम्मान सम्मानित किया गया। साल 1991 में किरण बेदी को नशाबंदी मुहिम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए Asia Region Award for Drug Prevention and Control से नवाजा गया। वहीं साल 1995 में किरण बेदी को लॉयन ऑफ द इयर, महिला शिरोमणि अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
किरण बेदी सिर्फ तेज तर्रार महिला ऑफिसर नहीं बल्कि उन्होंने राजनीति में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की। साल 2015 में वह भाजपा में शामिल हो गईं। उन्होंने सीएम पद के उम्मीदवार के रूप में दिल्ली विधानसभा चुनाव लड़ा। लेकिन चुनाव हार गईं, वहीं कुछ समय बाद मई 2016 में किरण बेदी ने पुडुचेरी के उपराज्यपाल का कार्यभार संभाला।
आईपीएस सेवा के दौरान किरण बेदी ने दिल्ली की सड़कों को जाम मुक्त कराने का संकल्प लिया। इसके लिए वह अवैध रूप से और नो पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को क्रेन से उठवा लेती थी। उन्होंने डीसीपी ट्रैफिक रहते उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और सीबीआई के निदेशक की भी गाड़ियां उठवा ली थी।
सर्विस में नया होने की वजह से किरण बेदी को दिल्ली की सड़कों के बारे में जानकारी नहीं थी। इसलिए वह अपने सहयोगियों के साथ दिल्ली का नक्शा लेकर घूमती थीं। जब वह सड़कों पर इस अभियान के लिए निकली तो भीड़ दौड़ने लगी। जब किसी ने रिक्शे वाले से पूछा कि क्या हुआ है, तो उसने जवाब दिया कि 'क्रेन बेदी' आ गई हैं। तभी से किरण बेदी का नाम 'क्रेन बेदी' पड़ गया।