नवनीत राणा को लेकर कोर्ट की बड़ी टिप्पणी, बयान दोषपूर्ण हैं लेकिन राजद्रोह के लिए ठोस सबूत नहीं

By अभिनय आकाश | May 07, 2022

महाराष्ट्र की उद्धव सरकार ने हनुमान चालीसा विवाद को लेकर राणा दंपत्ति को रोकने की तमाम तरह की कोशिशें की। नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा की गिरफ्तारी भी हुई और राजद्रोह की धारा भी लगाई गई। लेकिन अब उद्धव सरकार की इन्हीं कोशिशों को मुंबई की विशेष अदालत से कड़ी फटकार मिली है। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि राजद्रोह केस के लिए केवल अपमानजनक बयान आधार नहीं हो सकते हैं। मुंबई की विशेष अदालत ने कहा कि सांसद नवनीत राणा और उनके विधायक पति रवि राणा ने संविधान की स्वतंत्रता की सीमा को लांघा है। 

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राणा दंपत्ति को जमानत देते हुए कोर्ट ने ये टिप्पणी की। अदालत ने माना कि इस स्तर पर प्रथम दृष्टया राजद्रोह के तहत आरोप नहीं बनते हैं। अदालत ने कहा कि ये प्रावधान तभी लागू होंगे जब लिखित और बोले गए शब्दों में हिंसा का सहारा लेकर सार्वजनिक शांति को भंग करने या अशांति पैदा करने की प्रवृत्ति या इरादा हो। 

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