विभिन्न मुद्दों को लेकर राज ठाकरे के आंदोलन विफल हो चुके हैं : अजीत पवार

 Ajit Pawar
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महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मस्जिदों के ऊपर लगे लाउडस्पीकरों का विरोध करने वाले राज ठाकरे पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा किविभिन्न मुद्दों पर मनसे प्रमुख के आंदोलनों का राज्य और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।

पुणे। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार ने मस्जिदों के ऊपर लगे लाउडस्पीकरों का विरोध करने वाले राज ठाकरे पर परोक्ष रूप से हमला बोलते हुए शुक्रवार को कहा किविभिन्न मुद्दों पर मनसे प्रमुख के आंदोलनों का राज्य और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा है कि यदि राज्य में मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अज़ान का प्रसारण होता पाया गया तो मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा का पाठ किया जाएगा। अजीत पवार ने राज ठाकरे की इसी टिप्पणी को लेकर हुए विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि राज ठाकरे का कोई भी आंदोलन अब तक कामयाब नहीं हो सका है।

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पवार ने बिना राज ठाकरे का नाम लिए हुए कहा, जिस व्यक्ति ने लाउडस्पीकर का मुद्दा उठाया है, उसने एक बार राजमार्गों पर टोल टैक्स के खिलाफ आंदोलन की घोषणा की थी और कहा था कि टोल वसूली रोक दी जाएगी। इसका विरोध पुणे-मुंबई राजमार्ग पर किया गया था, लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला। यह आंदोलन कुछ दिनों तक चला, लेकिन कुछ नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि इस व्यक्ति द्वारा किए गए आंदोलनों ने राज्य और समाज पर प्रतिकूल प्रभाव डाला है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता ने कहा, अगर कल देश में टोल प्लाजा बंद हो गए तो क्या होगा।

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केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का कहना है कि टोल संग्रह के कारण इन सभी राजमार्गों का निर्माण कार्य पूरा हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश और बिहार के प्रवासी कामगारों के खिलाफ महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के आंदोलन को भी याद किया। उपमुख्यमंत्री ने कहा, उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रमिकों के खिलाफ इस आंदोलन के बाद, महाराष्ट्र में निर्माण गतिविधियां रुक गईं थीं। बिल्डरों ने तब शिकायत की कि उनके पास निर्माण कार्य के लिए मजदूर नहीं हैं। प्रवासी श्रमिकों को वापस लाना पड़ा।

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