न्यायालय ने सलमान रुश्दी की किताब पर प्रतिबंध लगाने के लिए दायर याचिका खारिज की

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 26, 2025

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को सलमान रुश्दी के विवादास्पद उपन्यास ‘द सैटेनिक वर्सेज’ पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करने वाली याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। यह याचिका न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आई।

केंद्र ने 1988 में, कानून-व्यवस्था बरकरार रखने के लिए बुकर पुरस्कार विजेता लेखक की पुस्तक ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था। दुनिया भर के मुसलमानों ने इसे (पुस्तक को) ईशनिंदा करने वाला माना था।

पीठ ने मुंबई के तीन निवासियों द्वारा दायर याचिका खारिज करते हुए कहा, ‘‘आप दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दे रहे हैं।’’ यह याचिका अधिवक्ता चांद कुरैशी के माध्यम से उच्चतम न्यायालय में दायर की गई थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पुस्तक उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के कारण उपलब्ध है।

याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ताओं को इस वर्ष 14 जून को पता चला कि मुंबई में विक्रेता ‘‘विवादास्पद और ईशनिंदा करने वाली किताब’’ बेच रहे हैं और यह एक प्रमुख ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है।

याचिका में कहा गया, ‘‘प्रतिबंध का कानूनी आधार भारतीय सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 11 है, जिसके कारण प्रतिबंध लगाया गया था। हालांकि, दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंध हटाए जाने के बाद... 36 वर्षों में पहली बार भारत में ईशनिंदा वाली यह किताब बेची जा रही है।’’

याचिका में दावा किया गया कि इस उपन्यास से लोक व्यवस्था भंग होने की प्रबल आशंका है क्योंकि पिछले कई दशकों में न केवल लेखक, बल्कि पुस्तक विक्रेताओं और पुस्तक का प्रसार करने वालों पर भी हमले हुए हैं तथा ईरान और ब्रिटेन के बीच अंतरराष्ट्रीय संबंध खराब हुए हैं। याचिका में कहा गया कि कई अन्य देशों ने भी इस उपन्यास की बाजार में बिक्री पर सख्त प्रतिबंध लगा रखे हैं।

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