By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | May 03, 2024
नयी दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिसमें चुनाव लड़ने वाले ‘‘हमनाम’’ उम्मीदवारों के मुद्दे को हल करने के उद्देश्य से एक प्रभावी तंत्र के लिए तत्काल कदम उठाने के वास्ते चुनाव आयोग (ईसी) को निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। न्यायमूर्ति बी आर गवई, न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ द्वारा याचिका पर विचार करने में अनिच्छा जताने के बाद याचिकाकर्ता के वकील ने इसे वापस लेने की अनुमति मांगी। इसे पीठ ने स्वीकार कर लिया।
पीठ ने पूछा, ‘‘अगर किसी के माता-पिता ने एक जैसा नाम दिया है, तो क्या यह उनके चुनाव लड़ने के अधिकार में बाधा बन सकता है?’’ न्यायालय नेकहा, ‘‘आप जानते हैं कि इस मामले का क्या होगा।’’ इसके बाद वकील ने पीठ से कहा कि उन्हें याचिका वापस लेने की इजाजत दी जाये। पीठ ने कहा, (याचिका) वापस लेने की अनुमति दी गई। याचिका में कहा गया था कि हमनाम उम्मीदवारों को मैदान में उतारने की गलत प्रथा मतदाताओं के मन में भ्रम पैदा करने की एक पुरानी चाल है।