कोर्ट का कहना है कि सरकार जीएसटी के बाद उत्पाद शुल्क में छूट जारी रखने के लिए बाध्य नहीं है

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 18, 2022

उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वर्ष 2017 में केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) अधिनियम लागू होने के बाद केंद्र, उत्तराखंड और सिक्किम जैसे राज्यों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उत्पाद शुल्क में शत-प्रतिशत छूट देने की नीति जारी रखने के लिए बाध्य नहीं है। न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना की पीठ ने इस बारे में दायर हीरो मोटोकॉर्प और सन फार्मा लेबोरेट्रीज की अपीलों को खारिज कर दिया।

हालांकि उच्चतम न्यायालय ने दोनों कंपनियों को यह छूट दी कि वे इस संदर्भ में राज्य सरकारों और जीएसटी परिषद के समक्ष अपना पक्ष रख सकती हैं। इसके साथ ही पीठ ने राज्यों की सरकारों के साथ जीएसटी परिषद से भी उनकी मांग पर गौर करने को कहा। पीठ ने अपने फैसले में कहा, जीएसटी परिषद एक संवैधानिक निकाय है। इसके पास जीएसटी लगाने एवं छूट देने से संबंधित निर्णय लेने की शक्तियां हैं।

इसके अलावा यह पूर्वोत्तर एवं हिमालय के राज्यों के संदर्भ में कुछ विशेष प्रावधान किए जाने की सिफारिश भी कर सकती है। शीर्ष अदालत ने कहा कि पूर्वोत्तर एवं हिमालय के राज्यों में स्थापित औद्योगिक इकाइयों में लाखों लोग काम करते हैं। ऐसी स्थिति में संबंधित राज्य सरकारों को इन इकाइयों को नुकसान की भरपाई करने के बारे में विचार करना चाहिए।

प्रमुख खबरें

Horrific Road Accident in Maharashtra | महाबलेश्वर के पास अम्बेनाली घाट में 700 फीट गहरी खाई में गिरी स्कॉर्पियो, सतारा के 8 युवकों की मौत

Karnataka Congress Crisis | कर्नाटक में सत्ता की खींचतान! कांग्रेस आलाकमान का बड़ा कदम, सीएम सिद्धारमैया दिल्ली तलब

India-US Relations | भारत हम पर 100% भरोसा कर सकता है: पीएम मोदी के लिए डोनाल्ड ट्रंप का विशेष संदेश

Jammu and Kashmir: शोपियां में NIA की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित दारुल उलूम सिराजुल उलूम और पूर्व जमात प्रमुख के घर पर छापेमारी