By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 31, 2023
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं के घरों का घेराव करने के सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पांच अगस्त के कार्यक्रम पर सोमवार को रोक लगा दी। पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और याचिकाकर्ता शुभेंदु अधिकारी ने दावा किया कि सत्तारूढ़ दल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने टीएमसी की 21 जुलाई की शहीदी दिवस रैली में घेराव का आह्वान किया था, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसी मंच से अपने भाषण में इस आह्वान को समर्थन दिया था। मुख्य न्यायाधीश टी.एस. शिवगणनम की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने कहा, “उत्तरदाताओं और सभी संबंधित पक्षों को पांच अगस्त को ऐसे किसी भी विरोध प्रदर्शन या घेराव अथवा यातायात को अवरुद्ध करने से रोका जाता है, जिससे आम जनता को असुविधा हो।”
मुख्यमंत्री ने हालांकि कहा था कि विरोध प्रदर्शन भाजपा नेताओं के घरों से 100 मीटर दूर होना चाहिए। यह दावा करते हुए कि विरोध प्रदर्शन की कमान अभिषेक ने संभाली थी और मुख्यमंत्री ने इसकी पुष्टि की थी। अधिकारी ने आग्रह किया कि किसी भी रैली को आयोजित करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए वरिष्ठ वकील परमजीत पटवालिया ने दावा किया कि इससे कानून व्यवस्था की गंभीर समस्या पैदा हो जाएगी। अदालत ने उत्तरदाताओं को अधिकारी की जनहित याचिका के खिलाफ अपने तर्क के समर्थन में 10 दिनों के भीतर हलफनामा दायर करने का निर्देश दिया और कहा कि मामले की दो सप्ताह के बाद फिर से सुनवाई की जाएगी। अभिषेक की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि घेराव प्रतीकात्मक और भाजपा नेताओं के घरों से 100 मीटर दूर होगा।