By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 02, 2024
नयी दिल्ली। दिल्ली में हाल ही में तापमान बढ़कर 52.3 डिग्री सेल्सियस हो जाने पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि यदि वनों की कटाई के प्रति वर्तमान पीढ़ी रुख उदासीन बना रहा, तो राष्ट्रीय राजधानी एक बंजर रेगिस्तान बन जाएगी। दिल्ली के मुंगेशपुर क्षेत्र में बुधवार को अधिकतम तापमान 52.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शहर में अब तक का सबसे अधिक तापमान है।
अदालत ने कहा, “यह अदालत ऐसी स्थिति को बर्दाश्त नहीं कर सकती, जहां अध्यक्ष (न्यायमूर्ति वजीरी) कार्यालय स्थान या लिपिकीय और सहायक कर्मचारियों या यहां तक कि परिवहन साधनों की कमी के कारण जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में असमर्थ हों।” उन्होंने कहा, “हालांकि, विभाग (वन एवं वन्यजीव) को अलग-अलग क्षमता में कर्मचारी उपलब्ध कराने का निर्देश देने के बजाय, विभाग को मामले को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ाने का निर्देश देना उचित समझा गया है कि किसी भी स्थिति में मंजूरी में 15 जून से अधिक देरी नहीं की जाए।”
अधिवक्ता आर. अरुणाद्रि अय्यर के माध्यम से दायर समिति के अध्यक्ष की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली सरकार को बुनियादी ढांचे, लिपिकीय कर्मियों, सहायक कर्मियों और परिवहन की आवश्यकता के बारे में सूचित किया गया था, जो अध्यक्ष के अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने के लिए आवश्यक होगा। उच्च न्यायालय ने कहा कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा अनुमोदन दिए जाने के बाद, बुनियादी ढांचे का विकास अगले 15 दिनों के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। अदालत ने निर्देश दिया, “सुनवाई की अगली तारीख 29 जुलाई पहले ही तय हो चुकी है, इसलिए उम्मीद है कि अध्यक्ष और समिति की जरूरत की सभी चीजें और आवश्यकताएं उससे पहले ही पूरी तरह से काम करने की स्थिति में होंगी।