By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jun 17, 2022
हैदराबाद। भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (बीबीआईएल) ने शुक्रवार को घोषणा की कि द्वितीय/तृतीय चरण के अध्ययन के दौरान बच्चों के लिए उसका कोविड-19 टीका कोवैक्सीन सुरक्षित और उनमें रोग प्रतिरोधी क्षमता विकसित करने वाला साबित हुआ है। टीका निर्माता द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि अध्ययन को स्वीकार कर लिया गया है और इसे ‘लैंसेट इन्फेक्शियस डिजीजेस’ पत्रिका में प्रकाशित किया गया है। भारत बायोटेक ने यह पता लगाने के लिए चरण द्वितीय/तृतीय का बहुकेंद्रित अध्ययन किया था कि यदि दो वर्ष से 18 वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ बच्चों और किशोरों को कोवैक्सीन का टीका लगाया जाता है, तो उनके लिए वह कितना सुरक्षित होगा, उनका शरीर इसके बाद क्या प्रतिक्रिया देगा और उनकी प्रतिरक्षा क्षमता पर इसका क्या असर हागा।
भारत में बच्चों को दी गईं पांच करोड़ से अधिक खुराकों के आंकड़ों के आधार पर यह टीका अत्यधिक सुरक्षित साबित हुआ है। टीके एक अत्यंत निवारक उपकरण हैं और यदि टीकों को ‘‘रोग निरोधी के रूप’’ में इस्तेमाल किया जाए, तभी इनकी शक्ति का उपयोग किया जा सकता है।’’ विज्ञप्ति में कहा गया कि अध्ययन में कोई गंभीर दुष्प्रभाव नजर नहीं आया। दुष्प्रभाव के कुल 374 मामले सामने आए और इनमें से अधिकतर दुष्प्रभाव मामूली थे और उन्हें एक दिन में दूर कर दिया था। टीका लगने की जगह पर दर्द की शिकायत के मामले सर्वाधिक पाए गए।