By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 07, 2021
मिक बैली, प्रोफेसर ऑफ कम्पैरेटिव इम्युनोलॉजी, यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल) ब्रिस्टल (ब्रिटेन)। (द कन्वरसेशन) हाल में सुझाव दिया गया कि मंत्री कोरोना वायरस को पशुओं में फैलने और फिर एक नए स्वरूप में मनुष्यों में इसके प्रसार को रोकने के लिए पालतू पशुओं को मारने या उन्हें टीका लगाने पर विचार कर सकते हैं। इससे अचानक घबराहट पैदा हो सकती है लेकिन यह वैज्ञानिकों के बीच लंबी बहस का एक हिस्सा है। ऐसे सबूत पाए गए कि वुहान से फैले सार्स-सीओवी-2 से बिल्लियां भी संक्रमित हो सकती हैं। ऐसे सबूत भी पाए गए कि वे अन्य बिल्लियों को भी संक्रमित कर सकती हैं।
हालांकि आपको बिल्लियों से अन्य बीमारियां (जैसे कि टोक्सोप्लास्मोसिस) होने का खतरा कम करने के लिए साफ-सफाई के सामान्य एहतियात बरतने चाहिए। अभी हमारी पालतू बिल्लियों और कुत्तों से कोई बड़ा खतरा नहीं है। हालांकि बाद में संक्रमण के नए स्वरूप आ सकते हैं। हो सकता है कि ये अल्फा और बीटा स्वरूप की तरह आसानी से फैल जाए। अन्य प्रजातियों में सार्स-सीओवी-2 का दीर्घकालीन खतरा यह है कि अगर वायरस उनमें फैलता है तो एक नया और यहां तक कि अप्रिय स्वरूप सामने आ सकता है और हो सकता है कि लोगों के बीच फैलने तक इस समस्या को पहचाना ही न जा सकें।
इस खतरे को कम करने का सबसे महत्वपूर्ण तरीका पशुओं में किसी भी नए स्वरूप का पता लगाने के लिए उनकी निगरानी करना होगा। इसलिए हैरान मत होना जब आपका पशु चिकित्सक पालतू पशु को श्वसन संबंधी दिक्कत होने पर उसकी लार का नमूना लाने को कहें और आपको भी नमूना देने को कहा जा सकता है। पालतू जानवरों के टीकाकरण की संभावना बहुत कम है। कुत्तों और बिल्लियों के लिए कोविड-19 रोधी टीका विकसित किया जा रहा है। लेकिन मनुष्यों की तरह ही कुत्तों और बिल्लियों में संक्रमण की दर कम होने के कारण इन टीकों का ट्रायल करना मुश्किल होगा और कम ट्रायल से अच्छे नतीजे नहीं निकलेंगे।