By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Jul 31, 2026
केरल में विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री वी. डी. सतीशन को पुनर्जनी आवास परियोजना के लिए विदेशों से धन संग्रह मामले की जांच में सतर्कता विभाग द्वारा दी गई क्लीन चिट को वह अदालत में चुनौती देगी। यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में माकपा के एर्णाकुलम जिला सचिव एस. सतीश ने कहा कि पार्टी सतर्कता रिपोर्ट के खिलाफ कानूनी विकल्प अपनाएगी और साथ ही 2018 की केरल बाढ़ के बाद सतीशन के उत्तर परावुर विधानसभा क्षेत्र में शुरू की गई पुनर्जनी आवास परियोजना में कथित अनियमितताओं को उजागर करने का अभियान भी जारी रखेगी। सतीश ने कहा कि पुनर्जनी परियोजना से जुड़े आरोपों का अब तक जवाब नहीं दिया गया है।
हम सभी आवश्यक कानूनी कदम उठाएंगे और तथ्यों को जनता के सामने लाते रहेंगे।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि सतर्कता विभाग का फैसला स्वीकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि मामला विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) के संभावित उल्लंघन से जुड़ा है और इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा होनी चाहिए। उन्होंने ‘मणप्पुरम फाउंडेशन’ की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि पुनर्जनी परियोजना से उसका क्या संबंध है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी जानकारियां सामने आ रही हैं कि विदेशों से जुटाई गई राशि फाउंडेशन के माध्यम से केरल पहुंची।
कांग्रेस नेताओं द्वारा परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर किए गए दावों पर सवाल उठाते हुए सतीश ने मुख्यमंत्री से उन 219 मकानों का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की, जिनके बारे में कांग्रेस का दावा है कि वे पुनर्जनी योजना के तहत बनाए गए थे। उन्होंने कहा, ‘‘यदि 219 मकान बनाए गए हैं, तो उनके पते सार्वजनिक किए जाएं। परावुर के लोगों को यह जानने का अधिकार है कि ये मकान कहां हैं।