जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को अलग करने के फैसले को माकपा ने बताया शर्मनाक

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 30, 2019

नयी दिल्ली। माकपा ने केंद्र सरकार द्वारा 31 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर से लद्दाख को औपचारिक रूप से अलग घोषित किए जाने के फैसले को ‘‘शर्मनाक’’ बताया है और कहा कि राज्य का विभाजन यहां के लोगों की राय जाने बिना कर दिया गया। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पोलित ब्यूरो ने बुधवार को जारी एक बयान में कहा, ‘‘माकपा अनुच्छेद 370 को खत्म करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर राज्य के विभाजन और उसके दर्जे को घटाने का पुरजोर विरोध करती है।’’

बयान में कहा गया, ‘‘ये भारतीय लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक दिन है कि राज्य के लोगों या उसकी विधानसभा से राय लिए बिना एक राज्य को विभाजित किया गया और उससे पूर्ण राज्य का दर्जा छीना गया।’’ केंद्र सरकार ने पांच अगस्त को जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे को खत्म करने की घोषणा की थी, जो राज्य को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत मिला था। इस संबंध में संसद द्वारा पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी प्राप्त एक विधेयक के मुताबिक 31 अक्टूबर से जम्मू-कश्मीर का दो केंद्र शासित प्रदेशों... जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में विभाजन हो जाएगा। बयान में कहा गया, ‘‘यह संविधान के अनुच्छेद तीन का खुला उल्लंघन है और देश के संघीय ढांचे सहित संवैधानिक मूल्यों को मानने वाले लोगों के लिए इस दिन खुशी मनाने जैसा कुछ नहीं है।’’

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