By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 07, 2026
डाबर इंडिया ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के उस निर्देश को चुनौती देते हुए बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया, जिसमें कंपनी को शहद, देसी घी और खाद्य तेल जैसे उत्पादों को 100 प्रतिशत दावों के साथ बेचने से रोक दिया गया है। कंपनी के वरिष्ठ अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश डी. के. उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ के समक्ष सूचीबद्ध कराने के लिए मामले का उल्लेख किया। इस पर सुनवाई शुक्रवार को न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ करेगी।
नियामक ने डाबर को ऐसे सभी उत्पादों की बिक्री तत्काल रोकने और 15 दिन के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट (एटीआर) जमा करने का निर्देश दिया था। डाबर ने अपनी याचिका में कहा है कि एफएसएसएआई का यह आदेश प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों और वैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता है, क्योंकि इसे कारण बताओ नोटिस और सुनवाई का अवसर दिए बगैर जारी किया गया है। कंपनी ने यह भी तर्क दिया कि एफएसएसएआई के पास इस तरह के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी करने का अधिकार नहीं है और मौजूदा आदेश अस्पष्ट, गैर-युक्तिसंगत तथा बिना पर्याप्त विचार के पारित किया गया है।